शिकायत के आधार पर जांच को पहुंचे एसीएमओ को देखकर झोलाछाप अपने कथित क्लीनिक छोड़कर भाग निकले। एसीएमओ को मौके से आला, थर्मामीटर जैसे उपकरण मिले। एसीएमओ ने संबंधित लोगों को नोटिस भेजने की बात कही है।
गांव हरनहाई निवासी विशंभर दयाल ने डीएम, सीएमओ सहित तमाम अधिकारियों को भेजे पत्र में बताया कि उन्होंने गांव के ही एक डॉक्टर से पैर में सूजन समाप्त करने की दवा ली थी। दवा खाने के बाद उनके शरीर में फोड़े निकल आए और नींद नहीं आने की समस्या हो गई। शिकायत की तो झोलाछाप ने उन्हें नशीली दवाएं देना शुरू कर दिया, जिससे वह मानसिक रूप से बीमार हो गए। बाद में अस्पतालों के महंगे इलाज के बाद उनको लाभ हुआ है।
सीएमओ के निर्देश पर रविवार को एसीएमओ डॉ. नरेशपाल ने गांव हरनहाई में झोलाछाप के यहां छापेमारी की, लेकिन झोलाछाप दुकान बंद कर भाग निकला। इसके बाद एसीएमओ ने बाबा चौराहे पर दो झोलाछापों के यहां छापेमारी कर इलाज के काम आने वाले उपकरण बरामद किए। खुटार में पुवायां मार्ग पर एक मेडिकल स्टोर पर राेिगयों का परीक्षण किया जा रहा था। रोगियों का इलाज करने वाले डॉक्टरी से संबंधित कोई प्रमाणपत्र नहीं दिखा सके। एसीएमओ ने बताया कि जो लोग रोगी देखते पाए गए हैं उनको नोटिस जारी कर जवाबतलब किया जाएगा। जवाब मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।