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31 से होनी है रवानागी, अभी हज यात्रियों का प्रशिक्षण तक नहीं हुआ

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शाहजहांपुर। मक्का-मदीना के मुबारक सफर पर इस बार जनपद से मात्र 91 हज यात्री ही रवाना होंगे। कोरोना की दहशत और हज कमेटी ऑफ इंडिया के नियमों के चलते जिले से हज यात्रियों की संख्या का टारगेट तक पूरा नहीं हो सका है। अहम बात यह है कि 31 मई से मुबारक सफर के लिए फ्लाइट की रवानगी शुरू होगी, लेकिन अभी तक जनपद में हज प्रशिक्षण तक नहीं हो पाया है। ऐसे में हर रोज हज यात्री नूरी मरकज के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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कोरोना के कारण पिछले दो साल से हज यात्रा बंद चल रही थी। इस बार सऊदी अरब से हज के लिए अनुमति मिली है। खादिमुल हुज्जाज कमेटी के अध्यक्ष इम्तियाज अली ने बताया कि इस बार 100 लोगों के टारगेट के करीब भी हज यात्री नहीं पहुंच पाए हैं। जनपद से मात्र 91 लोग ही हज के लिए आवेदन किए हैं। हज यात्रियों ने 81 हजार रुपये की पहली और 1.20 लाख रुपये की दूसरी किस्त जमा कर दी है। तीसरी किस्त एक लाख से ऊपर की है जिसे भी हज यात्री जमा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले जहां 270 से 300 हज यात्रियों का कोटा होता था। वह इस बार मात्र 100 लोगों को जाने की अनुमति थी। इसमें मात्र 91 ही हज के लिए आवेदन किए गए थे। इम्तियाज अली ने बताया कि हज प्रशिक्षण के लिए अभी तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में हज यात्री परेशान होकर घूम रहे हैं।
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नियमों के कारण हज से पीछे हटाए कदम
इस्लाम में रोजा, नमाज के साथ हज भी अहम रुकन है। हज के मुबारक पर जाने का प्रत्येक मुस्लिम का सपना होता है, लेकिन यह अब आसान नहीं रह गया। दरअसल, हज यात्रा के लिए नियम काफी सख्त कर दिए हैं। खादिमुल हुज्जाज कमेटी के अध्यक्ष इम्तियाज अली बताते हैं कि 65 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति को हज पर जाने पर रोक लगा दी गई। वहीं हज पर जाने का किराया भी काफी ज्यादा महंगा हो गया। कोरोना के नियमों का पालन करने के लिए बूस्टर डोज समेत कई शर्तें लगा दी गई। जिसके चलते लक्ष्य तक पूरा नहीं हो पाया है।
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