दो घंटे का ब्लॉक लेकर हुलासनगरा क्रॉसिंग पर रखे गए गर्डर
अप लाइन पर ब्लॉक के चलते रेल यातायात बाधित रहा
-चार दिन पहले डाउन लाइन पर गर्डर रखने का काम हुआ था
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरानपुर कटरा। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर स्थित हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या का जल्द ही समाधान होने की संभावना है। चार दिन पहले डाउन लाइन के ऊपर गर्डर रखे जाने बाद बुधवार को रेलवे से दो घंटे का ब्लॉक लेकर दो गर्डर रख दिए गए हैं। ब्लाक की अवधि में ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया।
नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण की मंजूरी करीब 11 वर्ष पहले मिली थी। उस समय बरेली से सीतापुर के बीच करीब 166
किमी सड़क के चौड़ीकरण का काम ऐरा कंपनी को मिला था। इसमें हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाया जाना भी प्रस्तावित था। कंपनी आधा काम ही कर पाई थी कि किन्हीं कारणों से कार्य छोड़कर जाना पड़ा। उसके बाद कई वर्षों तक निर्माण कार्य बंद रहा। दो साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बरेली से सीतापुर के बीच के हिस्से को अलग-अलग कंपनियों को ठेका दे दिया। हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज के निर्माण का ठेका पीआरएल कंपनी को दिया गया। कंपनी ने रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर एप्रोच रोड का काम काफी समय पहले पूरा कर लिया। उसके बाद ओवरब्रिज के ऊपर रखे जाने गर्डर को लेकर बाधा गई। कई साल पहले लाए गए गार्डर की गुणवत्ता पर रेलवे ने सवाल खड़ा करते हुए फेल कर दिया। तब पीआरएल कंपनी ने रेलवे की निगरानी में ओवरब्रिज के लिए छत्तीसगढ़ के रायपुर में गर्डर ढालने का काम हुआ। रेलवे द्वारा नियुक्त एजेंसी ने गर्डरों का निरीक्षण कर एनओसी जारी कर दी। जिसके बाद गर्डर रखे जाने का काम शुरू हुआ है। डाउन लाइन के ऊपर चार गर्डर रखे जा चुके हैं। बुधवार को दोपहर बाद दो से चार बजे तक ब्लॉक लेकर अप लाइन के ऊपर दो गर्डर रखे जाने का काम किया। इस बरेली दिशा की ओर जाने वाली ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया।
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बुधवार को अप लाइन के ऊपर दो गर्डर रखे जा चुके हैं। रेलवे से अनुमति मिलते ही बाकी गर्डर रखने का काम होगा।
कोशिश है कि जल्द ही ओवरब्रिज से यातायात शुरू करा दिया जाए।
टीके शर्मा, जीएम पीआरएल कंपनी