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बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म, एक आरोपी दस और दूसरा 14 साल का

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पुवायां (शाहजहांपुर)। बंडा थाना क्षेत्र में दस साल के बालक और 14 साल के किशोर पर साढ़े पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप लगा है। दोनों बच्ची को लालच देकर गन्ने के खेत में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की मां ने पुलिस को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है।
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महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी साढ़े पांच साल की पुत्री 27 जून को दस साल की लड़की के साथ बकरी चराने खेत पर गई थी। शाम करीब छह बजे उनके गांव का 14 साल का किशोर पड़ोस के गांव के दस साल के बालक के साथ वहां पहुंचा और उनकी पुत्री को लालच देकर गन्ने के खेत में ले गया। वहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। देर शाम बच्ची घर पहुंची तो उसके कपड़ों पर खून लगा देख मां दंग रह गई। उसने पूछा तो बेटी ने रोते हुए पूरी बात बता दी।
साथ गई लड़की से जानकारी करने पर उसने भी बताया कि आरोपी बच्ची को गन्ने के खेत में ले गए थे। मंगलवार को महिला बच्ची को लेकर थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने बच्ची को इलाज और मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है। डॉक्टर ने बच्ची की हालत ठीक बताई है। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। सीओ बीएस वीरकुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। कार्रवाई की जाएगी।
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बच्चों के व्यवहार पर रखें नजर, सही-गलत की दें जानकारी : डॉ. पूनम
पुवायां। शाहजहांपुर की मनोचिकित्सक डॉ. पूनम यादव का कहना है कि घटना में आरोपियों की जो आयु बताई गई है, उस अवस्था में बच्चों पर दोस्तों का बड़ा प्रभाव पड़ता है। बच्चे मोबाइल फोन में फिल्में, सोशल मीडिया सामग्री और आसपास के माहौल को देखकर उसके अनुसार एक्सपेरिमेंट (प्रयोग) करते हैं। कुछ बच्चों में मानसिक समस्या होती है, जिस कारण भी वह ऐसी हरकतें कर सकते हैं। बच्चों का पालन-पोषण ठीक से न होना, बड़े बच्चों का छोटों को गाइड करना, शिक्षा की कमी भी ऐसी घटनाओं का कारण बनती है।
डॉ. पूनम ने कहा अभिभावकों और शिक्षकों को चाहिए कि वे किशोरों को सेक्स एजूकेशन जरूर दें। उनको गुड टच और बेड टच के बारे में बताया जाए। इसके अलावा बच्चे किससे मिलते हैं, मोबाइल पर कितनी देर और क्या देखते हैं, बच्चों में कोई मानसिक समस्या तो नहीं है, बच्चा किसी को देखकर छिपता या सहमता तो नहीं है, बच्चा किस तरह के सीरियल देखता है, इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बच्चे क्या देखते हैं, इसका भी ध्यान रखें। विभिन्न प्रकार के अपराधों और उनकी सजा के बारे में भी बच्चों को बताया जाना चाहिए। आसपास के लोगों से बच्चों को सचेत रहने के लिए कहें। असामान्य व्यवहार पर निगाह रखें, बच्चे को कोई समस्या है तो वह खुद को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा। बच्चों पर समान्य ध्यान रखकर इस सब चीजों से बचा जा सकता है।
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