शाहजहांपुर। मोहल्ला ककराकलां में बने मैटेरियल रिकवरी फैसलिटी (एमआरएफ) सेंटर बंद होने के बाद भी वहां पर कूड़ा डाला जा रहा है। यहां लगे कूड़े के ढेर को जला दिया जाता है जिससे प्रदूषण फैल रहा है। धुएं से आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नगर निगम के पास पर्याप्त संसाधन होने के बाद भी शहर में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
ददरौल के खिलौली गांव में नया एफआरएफ सेंटर शुरू हो गया है। इसके बाद ककरा में बने एमआरएफ सेंटर को बंद कर दिया गया। इसके बाद भी यहां पर कूड़ा डाला जा रहा है। कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कूड़े काे हटवाने की जगह उसमें आग लगा दी जा रही है। इससे आसपास लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन निगम के अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है।
इसी तरह से शहर में भी जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। लाला तेजी बजरिया जाने वाले रोड के किनारे कूड़े का ढेर लगा हुआ है। यहां से गुजरने वाले राहगीरों को दिक्कत होती है। इसी तरह से उस्मानबाग चौकी से सटे धार्मिकस्थल के पास कूड़े का ढेर लग रहा है। मुख्य सड़क होने के बाद ही यहां से गुजरने वाले अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।
नए एमआरएफ सेंटर तक नहीं पहुंचा रहे कूड़ा
ददरौल के खिलौली में एफआरएफ सेंटर शुरू हो गया है। इसकी क्षमता रोजाना 250 टन कूड़ा खपाने की है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक शहर से रोजाना 143 टन कूड़ा निकलता है। इसको खिलौली एफआरएफ सेंटर भेजा जाता है। इसके लिए 25 से 30 बड़े वाहन लगाए गए हैं। इसके बाद भी वाहनों से कूड़ा ककरा में बंद हो चुके पुराने एफआरएफ सेंटर पर डाला जा रहा है। जबकि नगर निगम के अधिकारियों ने कहा था कि यहां एकत्र कूड़ा खिलौली ले जाया जाएगा।
लोगों का दर्द
एमआरएफ सेंटर बंद हो गया है। इसके बाद भी नगर निगम के वाहन यहां पर कूड़ा डालने आते हैं। कूड़े को जला दिया जाता है। धुआं जहरीला होने की वजह से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
- मोहम्मद इमरान, ककरा
एमआरएफ सेंटर तो बंद हो गया है। फिर भी कूड़ा यहां पर डाला जाता है। कूड़े में आग लगा दी जाती है। इसकी वजह से यहां पर दिनभर धुआं उठता रहता है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।
- बन्ने खां, ककरा
कूड़ा उठाने वाले समय से नहीं आते हैं। इस वजह से गलियों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। सफाईकर्मी के समय से नहीं आने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- रामजी शुक्ला, झंडाकलां
कूड़ा उठाने का कोई समय नहीं है। सफाईकर्मी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। इस वजह से कूड़े के ढेर लग जाते हैं। नगर निगम होने के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं।
- अमित कुमार, रोजा
नगर निगम में सफाई व्यवस्था के लिए लगातार निगरानी की जाती है। अगर कहीं गंदगी हो रही है तो उसको दूर कराया जाएगा। ककरा में आसपास के कुछ मोहल्लों का कूड़ा डाला जाता है। आग लगने की शिकायत मिलने पर पाइपलाइन बिछाई जा रही है। आग लगने पर पानी का छिड़काव किया जाएगा।
- डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त
तारीन बहादुरगंज स्थित उस्मानबाग चौकी के पास पड़ा कूड़ा। संवाद- फोटो : सांकेतिक
तारीन बहादुरगंज स्थित उस्मानबाग चौकी के पास पड़ा कूड़ा। संवाद- फोटो : सांकेतिक
तारीन बहादुरगंज स्थित उस्मानबाग चौकी के पास पड़ा कूड़ा। संवाद- फोटो : सांकेतिक
तारीन बहादुरगंज स्थित उस्मानबाग चौकी के पास पड़ा कूड़ा। संवाद- फोटो : सांकेतिक
तारीन बहादुरगंज स्थित उस्मानबाग चौकी के पास पड़ा कूड़ा। संवाद- फोटो : सांकेतिक
तारीन बहादुरगंज स्थित उस्मानबाग चौकी के पास पड़ा कूड़ा। संवाद- फोटो : सांकेतिक