जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर पानी से गुजरते वाहन। संवाद
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मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। स्टेट हाईवे पर पानी का बहाव तेज हो गया है। निचले इलाकों में पानी पहुंचने से खेतों में खड़ी फसलें और पशुओं का चारा जलमग्न हो गया है। इससे किसानों और पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से तटवर्ती दर्जनों गांवों के ग्रामीण बाढ़ की आशंका से चिंतित हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गनी, नाजिम, अलामशेर, बीपी, संजू आदि ने बताया कि गंगा का पानी पिछले दिन की अपेक्षा तेजी से बढ़ा है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो रहा है। पशुओं के लिए चारा जुटाना भी मुश्किल हो गया है। सूखे स्थानों से करीब पांच किलोमीटर दूर से बैलगाड़ी के जरिये चारा लाना पड़ रहा है।
वहीं, जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर पानी का दायरा बढ़कर करीब 100 मीटर से अधिक हो गया है। पानी का बहाव भी तेज हो गया है। हालांकि वाहनों का आवागमन सुचारु है। चौरा-नगला बसोला संपर्क मार्ग पर भी पानी तेजी से बह रहा है। एसडीएम कलान आशुतोष कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर पिछले दिन की अपेक्षा चार सेंटीमीटर बढ़ा है। अभी किसी गांव में पानी नहीं भरा है और बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है।
जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर पानी से गुजरते वाहन। संवाद- फोटो : Archive