चौरा गांव के पास हाइवे पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। लगातार हो रही बारिश से गंगा में बुधवार सुबह से फिर जलस्तर बढ़ने लगा। इस वजह से जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर फिर पानी आने लगा। गंगा की बाढ़ से पहले से घिरे तटीय गांवों के आसपास पानी बढ़ने से ग्रामीण जनजीवन मुश्किल में आ गया है। इस बीच, बिजनौर के खो बैराज से रामगंगा में 74322 क्यूसेक पानी की निकासी कर दिए जाने से बृहस्पतिवार को सुबह तक रामगंगा के तटीय गांवों के भी बाढ़ की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
कलान क्षेत्र के भैंसार बांध पर सोमवार को गंगा खतरे के निशान से करीब 55 सेमी नीचे 143.10 मीटरगेज पर बह रही थी। इसके बावजूद दो दिन के अंतराल में गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी वर्षा के कारण गंगा का जलस्तर 20 सेमी बढ़कर बुधवार को सुबह 143.30 मीटर गेज हो गया।
हालांकि, गंगा अभी खतरे के निशान से 30 सेमी नीचे है। गंगा में उफान बढ़ने से चौरा गांव के पास शमसाबाद स्टेट हाईवे के करीब 60 मीटर हिस्से में पानी फिर से बहने लगा है। इसके बावजूद हाईवे पर आवागमन जारी है। गंगा के किनारे बसे पैलानी उत्तरी, नगला बसोला, इस्लामनगर, आजादनगर, मस्जिदनगला आदि गांवों के संपर्क मार्गों पर पहले से भरा पानी अब आबादी की ओर बढ़ रहा है।
इन गांवों के खेतों में फसलें पहले से डूबी हैं और पशुपालक चारे के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों का मानना है कि रामगंगा में उफान बढ़ने से वह दोनों तरफ से बाढ़ से घिर जाएंगे। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि रामगंगा के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क किया है। साथ ही सभी प्रशासनिक तैयारी मुकम्मल रखने के निर्देश दिए हैं।