जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेसवे पर निर्मित हवा हवाई पट्टी पर निरीक्षण करते वायु सेना व प्रशासनिक
जलालाबाद। गंगा एक्सप्रेसवे पर हवाई पट्टी वाला पांच किलोमीटर का क्षेत्र 27 अप्रैल से वायु सेना अपने नियंत्रण में ले लेगी। वहां दो व तीन मई को लड़ाकू विमान उतारने का पूर्वाभ्यास किया जाना है।
सोमवार को दोबारा बरेली से आए एयरफोर्स के एरिया कमांडिंग ऑफिसर एम गंगोला ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बैरिकेडिंग सहित अन्य सभी कार्य 26 अप्रैल तक पूरे करा लेने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर पांच किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण चमरपुर कलां से लेकर खंडहर गांव के बीच किया गया है। इसमें 3.5 किमी. का रनवे भी शामिल है।
करीब 36 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी के निर्माण में सीमेंट और कंक्रीट का प्रयोग किया गया है। इस क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के दोनों ओर दस-दस फुट अतिरिक्त जमीन अधिग्रहित की गई है। गत 11 अप्रैल को भी वायु सेना के अधिकारियों ने यहां निरीक्षण किया था। उन्होंने विमान उतारने का परीक्षण करने से पहले हवाई पट्टी के दोनों ओर फेंसिंग कराने, सफाई व अन्य कई तकनीकी कार्य कराने के निर्माण कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। वायु सेना के कमांडिंग ऑफिसर सोमवार को इन कार्यों की प्रगति जानने के लिए दोबारा पहुंचे।
एसडीएम दुर्गेश यादव ने बताया कि जो कार्य बताए गए हैं, उनमें से अधिकांश पूरे हो गए हैं। फेंसिंग लगाने का काम तेजी से चल रहा है। निरीक्षण में कमांडिंग ऑफिसर कार्य की प्रगति से संतुष्ट दिखे। एसडीएम ने बताया कि शेष कार्य 26 अप्रैल तक पूरे करा लेने के लिए निर्माण कंपनी से कहा गया है, क्योंकि अगले दिन हवाई पट्टी वाले क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से वायु सेना अपने नियंत्रण में ले लगी।
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दो मई की रात और तीन मई को दिन में उतरेंगे विमान
एसडीएम ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे पर दो मई को रात में और तीन मई को दिन में लड़ाकू विमान उतारने का परीक्षण प्रस्तावित है। पूर्वाभ्यास के दौरान वायुसेना के विंग कमांडर और पायलट विमानों को हवाई पट्टी से स्पर्श कराने के अलावा उन्हें रनवे पर दौड़ाने और उनमें ईंधन भरने का परीक्षण करेंगे।