शाहजहांपुर हाइवे के उबरिया मंदिर के पास निर्माण एजेंसी का ऑफिस और कार्य शुरू करने को खड़ी जेसीबी
जलालाबाद। गंगा एक्सप्रेसवे के पास गुलड़िया गांव में औद्योगिक गलियारे के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने का काम अगले साल 2027 के अंत तक पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। गत माह यूपीडा के अधिकारियों के यहां हुए दौरे के बाद से गलियारा विकसित करने के कई कार्यों में तेजी आई है।
औद्योगिक गलियारा के लिए प्रस्तावित 102 हेक्टेयर जमीन में से 99 प्रतिशत जमीन के बैनामा की कार्यवाही काफी समय पहले पूरी हो जाने के बाद वहां बुनियादी सुविधाएं विकसित करने को यूपीडा ने लखनऊ की एक एजेंसी को ठेका दिया था। इसके बावजूद कई कारणों के चलते लंबे समय से 3.5 हेक्टेयर जमीन के बैनामा नहीं हो पा रहे थे। इस वजह से निर्माण एजेंसी काम शुरू नहीं कर पा रही थी। गत आठ जून को यूपीडा के मुख्य सचिव आलोक कुमार के नेतृत्व में यहां पहुंची प्रशासनिक सलाहकार टीम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इस कार्य को तेजी से कराने के निर्देश दिए थे।
तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि बैनामे से शेष बची 3.5 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू कर दी गई है और जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
जमीन के सीमांकन का शुरू हुआ काम
गलियारा के लिए शेष 3.5 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की कार्यवाही आगे बढ़ने के बाद वहां बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए लखनऊ की निर्माण एजेंसी एसपी इंफ्राटेक के इंजीनियरों ने डेरा डाल दिया है। निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रभारी श्याम सिंह ने बताया कि वहां कई कार्य बरसात के बाद शुरू होंगे। फिलहाल जमीन के चिह्नीकरण और सीमांकन का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अधिग्रहीत की जा रही जमीन को समतल करके रोड, नाला व नाली का निर्माण, बिजली व्यवस्था, पानी के लिए ओवरहेड टैंक व सुरक्षा की दृष्टि से फायर स्टेशन आदि कार्य कराए जाने हैं। निर्माण कंपनी को यह सभी कार्य 16 महीने में पूरे करने को कहा गया है।
गलियारे का बाद में होगा विस्तारीकरण
बुनियादी सुविधाएं जुटाने के बाद औद्योगिक गलियारा विस्तारीकरण के बाद कुल 290 हेक्टेयर क्षेत्रफल का हो जाएगा। विस्तारीकरण के लिए गुलड़िया के अलावा पास के ही पल्हरई और लहरावर गांव की जमीन के भेजे गये प्रस्ताव पर शासन की मुहर लगने के बाद उसका गजट भी हो चुका है। तहसीलदार राघवेशमणि त्रिपाठी ने बताया कि इसके लिए तीन गांवों के करीब 1200 किसानों से जमीन के बैनामा कराए जाने हैं और अगले माह से यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संवाद