सिविल सर्विस की तैयारी करना चाहती थी मोहिनी
महेंद्र की बेटी मोहिनी की हादसे में जान चली गई। बेटी की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ गया। मोहिनी 12वीं पास होने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने की सोच रही थी। वह सिविल सर्विसेज में जाना चाहती थी। उसकी मौत से मां रामकुमारी, बहन बबली, प्रीति, संगीता और भाई गौरव व गौतम का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
छोटा बेटा दूसरी कार से गया, बड़े की चली गई जान
कांट के पथरा खास में सफाई कर्मी चंद्रपाल के बड़े बेटे अनुराग व धनंजय का सेंटर भी जैतीपुर में गया था। दोनों विद्यालय आए थे। धनंजय को दूसरी कार से भेजा गया था। अनुराग अपने दोस्तों के साथ मुलायम की वैन में सवार हो गया। बेटे का शव देखकर चंद्रपाल के पैर लड़खड़ा गए। उनका बड़ा बेटा अभिषेक पुवायां से बी-फार्मा कर रहा है। बेटी नेहा उर्फ पल्लवी भी पढ़ाई करती है।
प्रधानाचार्य की बेटी प्रतिष्ठा भी थी वैन में, चली गई जान
श्रीमती उमलेश देवी विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल मिश्रा की बेटी प्रतिष्ठा की भी हादसे में जान चली गई। सूचना पर मां ममता देवी मोर्चरी के पास बैठकर बिलख पड़ी। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाला और सांत्वना दी। ममता के अनुसार, पेपर होने की वजह से सुबह चार बजे ही बेटी जाग गई थी। पढ़ने में होशियार प्रतिष्ठा की मौत से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।