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गंगा-रामगंगा और गर्रा के जलस्तर में दूसरे दिन भी वृद्धि

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शाहजहांपुर में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश के पानी से उफनाई गर्रा नदी। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। उत्तराखंड के पहाड़ों से लेकर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों तक गत चार दिन से लगातार हो रही बूंदाबादी और बारिश से जिले से होकर बहने वाली गंगा और रामगंगा के जलस्तर में बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी वृद्धि जारी रही। शहर के समीप गर्रा नदी का जलस्तर 75 सेमी बढ़ गया है।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सुबह मिलीं सूचनाओं के अनुसार बीते दिन की तुलना में भैंसार बांध पर गंगा सात सेमी बढ़कर 141.82 मीटर पर बह रही थी। चूंकि बदायूं के कछला घाट पर गंगा 40 सेमी बढ़कर 162.40 मीटर पर पहुंच गई है और बुधवार शाम नरौरा बैराज से एक लाख 11 हजार 969 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया, इसलिए माना जा रहा है कि शुक्रवार को मिर्जापुर क्षेत्र के ढाई घाट से लेकर कलान के भैंसार बांध तक गंगा और चढ़ेगी।
उधर, बरेली के चौबारी घाट से लेकर परौर क्षेत्र तक रामगंगा 80 सेमी बढ़ गई है।
रामगंगा मेें खो, हरेली, किच्छा, रामनगर, कालागढ़ आदि बैराजों से 41953 क्यूसेक पानी की निकासी आज भी जारी रही। हालांकि, यह जलराशि बीते दिन की तुलना में करीब 30 हजार क्यूसेक कम है, लेकिन चौबारी का पानी यहां से गुजरने तक रामगंगा के अपने पेटे से बाहर बने रहने का अनुमान है।
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इधर, दो दिन से वर्षा में आई कमी के कारण खन्नौत नदी पांच सेमी बढ़कर 143.40 मीटर पर बह रही थी, लेकिन ड्यूनी डाम से पानी की निकासी बढ़कर 12250 क्यूसेक हो जाने से गर्रा नदी तेजी से उफना रही थी। नदी का जलस्तर 75 सेमी बढ़कर 145 मीटर हो गया है।
रामगंगा से कटान की आशंका से ग्रामीण भयभीत
परौर। रामगंगा में पानी बढ़ जाने से भूमि कटान की आशंका को लेकर क्षेत्र के मझरा मोहनपुर, बिचपुरी, नारायणनगर पश्चिमी, मोहल्ला बाजार के लोग काफी भयभीत हो गए हैं। सिंचाई विभाग ने 14 जिओ बैग की ठोकरों का निर्माण कराकर इन गांवों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन रामगंगा की धारा नारायणनगर पश्चिमी की ठोकर से आगे पहुंच गई है। मोहनपुर में भी तटबंध के पीछे से नदी ने कटान के लिए मुहाना बनाना शुरू कर दिया है। यदि कटान हुआ तो यह सभी गांव खतरे में पड़ जाएंगे। गांव वासियों का मानना है कि जब पहले ही जिओ ट्यूब की ठोकरें कामयाब नहीं हुई तो कटान कैसे रुकेगा। गांव के मदन पाल सिंह अर्पित सिंह कुशवाहा धनपाल सिंह राजीव सिंह जयवीर सिंह ने तटवर्ती गांवों को रामगंगा के कटान से बचाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने की मांग की है। -
बाढ़ से बचाव के लिए ठोस इंतजाम हों
सिंचाई विभाग को परौर के तटवर्ती मझरों को बाढ़ बचाने के लिए को ठोस कदम उठाने चाहिए। जिओ ट्यूब की ठोकरें कटान रोकने में कारगर नहीं हो रही हैं। इसलिए बचाव के उपाय जल्द होने चाहिए। - अरविंद गुप्ता
रामगंगा से भूमि कटान रोकने के लिए दो दशक से प्रयास किए जाने के बावजूद मंझा व नगर पूर्वी बाढ़ की भेंट चढ़ चुके हैं। इसे देखते अधिकारियों को कटान रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। - धर्मेंद्र प्रताप सिंह
कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने कटान रोकने का प्रयास किया और उनका गांव मंजा 20 वर्ष पहले सन 2000 में कट कर नेस्तनाबूद हो गया यही हाल परौर का रहा तो वह दिन दूर नहीं है किए गांव भी कटकर तबाह हो जाएगा। शासन प्रशासन को पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
- श्यामवीर सिंह गुर्जर, मंझा
मेरा खेत तो रामगंगा ने पहले ही काट दिया है, केवल घर बाकी बचा है। रामगंगा के कटान से बचाने को ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो घर नदी में समाने पर सिर छिपाने को जगह नहीं बचेगी। - कल्लू शर्मा
रामगंगा के तटवर्ती गांवों को कटान से बचाने के लिए विभाग स्तर से पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। जिओ ट्यूब की ठोकरें मोहनपुर व नारायणनगर के पास बनवा दी गई हैं, जिनसे इन दोनों गांवों में कटान होने की आशंका नहीं हैं। जिले की नदियों में अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। बारिश के वेग मेें कमी आने से रामगंगा में बैराजों से पानी की निकासी कम हुई है और अगले 24 घंटे में जलस्तर कम होने के आसार हैं। - अनूप कुमार, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग
भारी वर्षा से निगोही उपकेंद्र में भरा पानी, बिजली आपूर्ति ठप
शाहजहांपुर/निगोही। हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना होने के बावजूद बृहस्पतिवार को सुबह शहर में केवल मामूली बूंदाबांदी हुई और दोपहर बाद धूप निकलने से उमस बढ़ने पर दिन में अधिकतम तापमान 1.8 डिग्री बढ़कर 31 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन निगोही कस्बे और ग्रामीण अंचल में झमाझम वर्षा वहां के बिजली उपकेंद्र सहित पुराने चिकित्सालय के कक्षों और चिकित्सकों के कमरों में पानी भर गया। बिजली उपकेंद्र में पानी भरने से कस्बे के सभी फीडर सुबह दस बजे से बंद हो गए और देर शाम तक बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी।
भारी वर्षा से निगोही-तिलहर मार्ग और कस्बे के हमजापुर चौराहे के निकट जलभराव से गढ्ढेयुक्त मार्ग पर निकलना मुश्किल हो गया है। बिजली उपकेंद्र से पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है। बता दें कि निगोही क्षेत्र में बीते पांच दिन से हल्की बूंदाबांदी हो रही थी। आज सुबह पांच बजे से दोपहर एक बजे तक हुई भारी वर्षा से खेत, खलिहान और तालाब भी लबालब हो गए। जल निकास की उचित व्यवस्था नहीं होने से निगोही सीएचसी जलाशय में तब्दील हो गई। इस कारण रोगियों को दवाएं नहीं मिल सकीं और वह बैरंग लौट गए।
हवा के कम दबाव का क्षेत्र अभी प्रभावी बना हुआ है। दिन में हवा चलने से बादल उड़ने पर कुछ देर धूप निकली और इसी वजह से दिन मेें तापमान थोड़ा बढ़ा, लेकिन आसमान पूरी तरह बादलों से साफ नहीं हुआ है। हवा में आर्द्रता की अधिकता होने से शुक्रवार को भी सुबह से बादल छाए रहने और दोपहर तक हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। - डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद
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