मीरानपुर कटरा(शाहजहांपुर)। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग की हुलासनगरा क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा तैयार कराए गए नए गर्डरों की पहली खेप बृहस्पतिवार को रायपुर (छत्तीसगढ़) इस्पात कारखाना से हुलासनगरा क्रॉसिंग पहुंच गई। एनएचएआई की कार्यदायी संस्था के परियोजना अधिकारी के अनुसार सभी गर्डर यहां पहुंचने के बाद रेलवे से क्रॉसिंग पर ब्लॉक लेकर पुल निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इससे क्रॉसिंग पर आए दिन हाईवे का ट्रैफिक जाम होने की समस्या से निजात मिल जाएगी।
लखनऊ-दिल्ली हाईवे के 166 किलोमीटर लंबे बरेली-सीतापुुर सेक्शन को फोरलेन बनाने का काम शुरू हुआ था। उसी दौरान हाईवे के इस हिस्से में पड़ने वाले सभी ओवरब्रिजों, अंडरपास की तरह हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज के लिए भी गर्डर मंगाए गए थे। तब से मौसम की मार सहते हुए उनमें इतनी जंक लग गई कि वह उपयोग लायक नहीं रहे। रेलवे की तकनीकी टीम ने पुराने गर्डर गुणवत्ता जांच में खारिज कर दिए। नतीजे में एनएचएआई को रायपुर इस्पात कारखाना में नए गर्डर तैयार कराने पड़े।
अधिकारियों के अनुसार ओवरब्रिज में कुल 24 गर्डर लगाए जाने हैं और उनमें से दो गर्डर लेकर एक ट्रॉला दोपहर को क्रॉसिंग के पास पहुंचा तो लोगों में खुुुुशी दौड़ गई। अधिकारियों के अनुसार दो सप्ताह के अंदर ओवरब्रिज में इस्तेमाल होने वाले सभी गर्डर यहां पहुंचने की उम्मीद है। ओवरब्रिज का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था पीआरएल के महाप्रबंधक टीके शर्मा ने बताया कि 15 जनवरी तक सभी गर्डर मिल जाएंगे। इसके बाद क्रॉसिंग की पश्चिम दिशा में बनाए गए पिलर्स पर गर्डरों को रखकर पुल तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा। रेलवे लाइन के ऊपर पुल बनाने का काम शुरू करने से पहले रेल अधिकारियों से बैठक कर जरूरत के हिसाब से ब्लॉक लिया जाएगा।