रामलीला मैदान मे लगी आतिशबाजी की दुकान संवाद
कांट। रामलीला मैदान पर पटाखों की दुकानें रविवार को सज गईं। हालांकि, प्रदूषण के मद्देनजर पटाखेबाजी पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की सख्ती से विक्रेता मायूस हैं। प्रदूषण की रोकथाम को एनजीटी ने केवल ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। यही कारण है कि इस बार नगर में कई व्यापारियों ने पटाखों के कारोबार से किनारा कर लिया है और सिर्फ 23 कारोबारियों ने बिक्री के अस्थायी लाइसेंस लिए हैं।
फुटकर विक्रेता फिरोज अली और विशाल भारद्वाज ने बताया कि महंगाई के चलते पटाखा बाजार इस बार काफी कमजोर है और पहले की अपेक्षा कारोबारी भी कम हो गए हैं। जिन व्यापारियों ने अस्थायी लाइसेंस लिए हैं, वह भी इस बार गत वर्ष की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत माल कम लाए हैं। दुकानें कम लगने से इस बार मेला मैदान का काफी हिस्सा खाली है।
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार मौर्य ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे। तेज आवाज और ज्यादा प्रदूषण उत्पन्न करने वाली आतिशबाजी बिकती पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद