बुखार की चपेट में आकर बीते चौबीस घंटों में जिला अस्पताल में तीन मरीजों की मौत हो गई। सैकड़ों की संख्या में बुखार पीड़ित मरीज रोजाना जिला अस्पताल में आ रहे हैं। इसमें वायरल, टाइफाइड, चिकिनगुनिया और डेंगू के संभावित मरीज शामिल हैं। मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में मारामारी हो रही है। ट्रामा सेंटर में दर्जनों मरीज भर्ती होने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
शहर के मोहल्ला मक्कू बजरिया निवासी 55 वर्षीय पंडित धर्मात्मा मिश्रा की रविवार की सुबह तबीयत खराब हो गई। परिवार वालों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान शाम सात बजे उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी मौत डायरिया से हुई। वहीं लखीमपुर खीरी के थाना पसगवां क्षेत्र के गांव किरयारी निवासी इकराम खां की 10 वर्षीय बेटी तीन दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती थी। डॉक्टराें के मुताबिक उसे दिमागी बुखार था। सुबह 10.30 बजे उसकी मौत हो गई। वहीं हरदोई के थाना पिहानी क्षेत्र के गांव पंडरवा निवासी अयूब की पांच वर्षीय बेटी को बुखार की हालत में दिन में करीब 12 बजे जिला अस्पताल लाया गया, जहां करीब आधा घंटे के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।
मरीजों की लग रही लंबी कतारें
सुबह होते ही अस्पताल में मरीजों से भर जाता है। डॉक्टरों चेंबरों के आगे मरीजों की कतारें लग जाती हैं। घंटों के इंतजार के बाद मरीजों का नंबर आता है। डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों में होड़ लगी रहती है। यही हाल पर्चा बनवाने के कांउटर और दवा बांटने वाला कांउटर का है। भीड़ की वजह से पैथालॉजी का हाल भी बुरा है। खून का सैंपल निकलवाने और जांच रिपोर्ट के लिए काफी भीड़ हो रही है।
भर्ती होने के लिए ट्रामा सेंटर में मारामारी
रोजाना सौ से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। अस्पताल में कुल दौ सौ बेड है। पचास से अधिक अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। सभी बेड मरीजों से फुल हैं। भर्ती मरीज की छुट्टी होने के बाद ही अगला मरीज को भर्ती किया जा सकता है। इसी वजह से अस्पताल में आने वाले मरीजों को ट्रामा सेंटर में रोककर उनका प्राथमिक उपचार कर दिया जाता है। इसके बाद भर्ती होने के लिए वह घंटाें वहीं इंतजार करते है। भर्ती के लिए मरीजों के तीमारदार और अस्पताल स्टाफ में जमकर नोकझोंक होती है।
वायरल, चिकनगुनिया, टाइफाइड और डेंगू के संभावित मरीजों बड़ी संख्या में अस्पताल में आ रहे हैं। डेंगू वाले मरीज दूसरे जिलों से शिकार होकर आ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं हैं। अतिरिक्त बेड भी फुल हो गए हैं। दो बच्चियों की मौत बुखार से हुई है, वहीं एक व्यक्ति की डायरिया से मौत हुई है। - डॉ. केशव स्वामी, सीएमएस