भीषण गर्मी में नौ घंटे की नियमित बिजली कटौती के बाद आपात कटौती से जूझ रहे शहरी बाशिंदों को लाइन फाल्ट बेहद सता रहे हैं। बुधवार को आधी रात के बाद मामुड़ी की 11 केवी लाइन में फाल्ट हो जाने से आसपास के कई मोहल्लों में बिजली का संकट बढ़ गया। प्रभावित क्षेत्रों के लोग रात भर बिजली के बगैर बेचैन रहे।
ककरा कलां के 33 केवी पॉवर सब स्टेशन से आनंदपुरम् फीडर और सुभाषनगर फीडर की 11 केवी वाली लाइन निकली है। रात में कटौती का समय बीतने के बाद ककरा के सभी फीडरों की बिजली सप्लाई चालू कर दी गई। रात करीब एक बजे मामुड़ी और प्रोफेसर कॉलोनी होकर सुभाषनगर जाने वाली 11 केवी लाइन के तार ईदगाह कब्रिस्तान के पास टूटकर गिर गए। आधा घंटे तक बिजली नहीं आने पर लोगों ने ककरा सब स्टेशन से संपर्क साधना शुरू किया।
सब स्टेशन के एसएसओ पैनल रूम में सभी फीडर चालू देख लोगों की पूछताछ को गंभीरता से नहीं लिया। दरअसल, पैनल बोर्ड पर सुभाषनगर फीडर पर बिजली लोड दर्शाया जा रहा था, क्योंकि उस वक्त फाल्ट से पहले वाले हिस्से के सैकड़ों घरों को बिजली सप्लाई जारी थी। बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे तक फोन पर बिजली गुल होने की शिकायतें मिलनी जारी रहने पर लाइन स्टाफ ने दिन निकलने पर पेट्रोलिंग की, तब कहीं जाकर फाल्ट पकड़ में आया।
हालांकि, यह फाल्ट बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे के बाद ठीक कर लिया गया, लेकिन दो घंटे सप्लाई मिलने के बाद ट्रिपिंग और कटौती का खेल शुरू हो गया। इसकी वजह से मामुड़ी, हद्दफ आंशिक , ईदगाह रोड, महमंद जंगला के दक्षिणी हिस्से, प्रोफेसर कालोनी, सुभाषनगर आदि क्षेत्रों के लोगों को रात भर बिजली के लिए तरसना पड़ा। ट्रिपिंग के कारण सप्लाई मिलने पर भी प्रभावित क्षेत्रों में पानी का संकट पैदा हो गया और बिजली चालित लघु उद्योग धंधों पर बुरा असर पड़ा। इस वजह से आटा चक्कियों पर गेहूं की पिसाई नहीं हो पाई।