खुटार। नेपाली हाथियों के फसल नष्ट करने से परेशान किसानों ने रविवार रात समूह बनाकर शोरशराबा करते हुए फसलों की रखवाली की। रात में हाथी नहीं आने से उन्होंने राहत की सांस ली।
शनिवार रात नेपाल के दो हाथियों ने खुटार रेंज के जंगल से निकलकर गांव रसवांकलां, रायपुर पटियात, महेशपुर, कुभिया माफी, बरवटपुर आदि में गेहूं और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया था। रविवार को किसान खेतों पर पहुंचे थे, तो फसल नष्ट होने का पता चल सका था। किसानों की सूचना पर वन दरोगा रोहित पांडे ने टीम के साथ मौका मुआयना किया था और जांच कर बताया था कि हाथी जंगल की ओर लौट गए हैं।
हाथियों के फिर से खेतों में आने की आशंका से कई गांवों के किसान खेतों पर आग जलाकर शोर शराबा करते रहे। हाथी खेतों की ओर नहीं आने से किसानों ने चैन की सांस ली। उधर वनकर्मी सोमवार को भी क्षेत्र में पहुंचे और किसानों से बात की। वन दरोगा ने किसानों से कहा है कि हाथी दिखने पर दूर रहें और वनकर्मियों को सूचना दें। रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार रात और सोमवार दिन में हाथी नहीं दिखे हैं। हाथियों के जंगल से होकर नेपाल की ओर बढ़ने का अनुमान है।