पुवायां। बंडा मंडी परिसर में लगे धान क्रय केंद्र पर तौल नहीं होने से परेशान किसान सोमवार को दो ट्रॉली धान लेकर पुवायां तहसील पहुंचे और प्रदर्शन कर जांच कराने और धान की तौल कराने की मांग की। शाम छह बजे तक किसी भी अधिकारी ने किसान की फरियाद सुनने की जरूरत नहीं समझी। भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसान विरोधी अधिकारियों के खिलाफ धरना किया जाएगा। समस्या का समाधान नहीं होने तक ट्रॉली तहसील परिसर में ही खड़ी रहेगी।
बंडा के गांव पड़रिया दलेलपुर निवासी जोगेंद्र सिंह भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के गिल के साथ दो ट्रॉली धान लेकर सोमवार को पुवायां तहसील पहुंचे और प्रदर्शन किया। जोगेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी आयु 80 वर्ष है। वह अपने और अपने पुत्र का धान 15 दिसंबर को लेकर बंडा मंडी में लगे केएसएस ताजपुर बंडा क्रय केंद्र पर ले गए थे। दो दिन लाइन में लगे रहने के बाद 17 दिसंबर को उनको प्रवेश पर्ची दी गई। धान में डस्टर आदि भी लगा दिया गया, लेकिन धान की तौल नहीं की गई है।
धान की तौल की कहने पर मंडी में लगे दलाल किस्म के लोग उनको धमकी देते हैं और कहते हैं कि सुविधा शुल्क दिए बिना धान की तौल नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन धान नहीं तौला गया। इस कारण वह प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। बुजुर्ग होने के बाद भी उन्हें परेशान किया जा रहा है और धान नहीं तौला जा रहा है। तमाम किसान धान की तौल नहीं होने से परेशान हैं। किसी अधिकारी के किसान की बात नहीं सुनने के कारण शाम छह बजे तक धान से भरी ट्रॉलियों तहसील में ही खड़ी थीं।
बुजुर्ग होने के बाद भी मैं धान लेकर 15 दिन से बंडा मंडी में क्रय केंद्र पर पड़ा हूं। धान की तौल नहीं की जा रही है। अधिकारी भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे तमाम किसान परेशान हैं।
जोगेंद्र सिंह, पड़रिया दलेलपुर बंडा
सरकार कह रही है कि वह किसान हित में काम कर रही है, लेकिन सेंटर इंचार्ज और अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। धान तौल के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। किसान रुपये कहां से दें। मामले की जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
- भूपेंद्र सिंह गिल, जिलाध्यक्ष, भाकियू चढूनी शाहजहांपुर