तिलहर के गांव राईखेड़ा में आक्रोशित परिजनों को समझाती पुलिस। स्रोत : जागरूक पाठक
तिलहर। राईखेड़ा खुर्द निवासी सोनपाल की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में पुलिस ने उनके पुत्र बलवीर कठेरिया की तहरीर के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन आरोपी नहीं पकड़े गए। इसके विरोध में घरवालों ने शव का अंतिम संस्कार रोक दिया। हालांकि, बाद में प्रभारी निरीक्षक जुगुल किशोर पाल के साथ सीओ ज्योति यादव ने घरवालों को जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी कर लिया।
13 जनवरी को सोनपाल संदिग्ध हालात में लापता हो गए थे। बुधवार को उनका शव गर्रा नदी के किनारे पिंगरा गांव के जंगल में पड़ा मिला। बलवीर ने पिता सोनपाल के शरीर पर चोटों के निशान देख उनकी हत्या कर दिए जाने का आरोप लगाते हुए गांव ताल्वीपुर दिउरिया निवासी सगे भाइयों रामचंद्र, सचिन और दामोदर के अलावा दामोदर के पुत्र मनोज और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पिता की हत्या कर दिए का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
बलवीर ने पुलिस को बताया कि पिता सोनपाल को वर्ष 1984 में दर्ज एक मुकदमे के कारण आजीवन कारावास की सजा हुई थी। इस मुकदमे को लेकर उनकी आरोपियों से पुरानी रंजिश थी। शनिवार को पोस्टमाॅर्टम के बाद शव घर आने पर परिजनों ने सोनपाल के शरीर पर चोटों के अलावा उनकी एक हड्डी टूटी देख शव का डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमाॅर्टम कराने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव का अंतिम संस्कार रोक दिया।
यह जानकारी पाकर पुलिस बल के साथ सीओ और प्रभारी निरीक्षक तत्काल गांव पहुंचे और घरवालों को मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद घरवाले शव का अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गए। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की गईं हैं।