शाहजहांपुर के सीएचसी खुटार में इलाज के दौरान ग्रामीण की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज को इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसे खून की उल्टी हुई। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। मरीज की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
शाहजहांपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खुटार में इलाज के दौरान ग्रामीण की मौत हो गई। इस पर उनके परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मौत के तीन घंटे बाद भी शव सीएचसी पर ही रखा रहा।
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जानकारी के मुताबिक गावं रसवां कलां के 47 वर्षीय विनोद कुमार कुछ दिन से बीमार चल रहे थे। पुत्र विजय कुमार ने बताया कि उनके पिता की रीढ़ और पसलियों में दर्द था। परिजन विनोद कुमार को बुधवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे सीएचसी लाए थे। आरोप है कि डॉक्टर के इंजेक्शन लगाते ही विनोद कुमार को खून की उल्टी हुई और उनकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने सीएचसी अधीक्षक को सूचना दी, लेकिन कोई भी विनोद कुमार को देखने नहीं पहुंचा और उन्होंने दम तोड़ दिया।
स्टाफ से हाथापाई की कोशिश
विनोद कुमार की मौत के बाद परिजन गलत इंजेक्शन से मौत होने का आरोप लगाते हुए रोने बिलखने लगे। परिजनों ने जमकर हंगामा भी किया और डॉक्टर पर रिपोर्ट लिखाने की चेतावनी दी। सीएचसी स्टाफ से हाथापाई का प्रयास भी किया गया। इस पर सीएचसी स्टाफ ने पहले परिजनों पर शव ले जाने का दबाव बनाया लेकिन बात नहीं बनने पर परिजनों को मनाने का प्रयास शुरू किया गया।
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दोपहर ढाई बजे तक शव सीएचसी पर ही रखा रहा। विनोद के परिजनों को मनाने का प्रयास चल रहा था। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि विनोद कुमार काफी दिन से बीमार चल रहे थे और बीमारी के कारण ही विनोद की मौत हुई है। गलत इंजेक्शन से मौत का आरोप निराधार है।