शाहजहांपुर। बिजली की आपूर्ति रविवार को पटरी से उतर गई। कैंट में पेड़ गिरने से 33 केवीए लाइन टूटने से अटसलिया और बादशाहनगर उपकेंद्र के 105 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। करीब चार घंटे तक बिजली नहीं आई। शहर में अब्दुल्लागंज उपकेंद्र में टू फेसिंग होने व ककरा उपकेंद्र की केबल में फॉल्ट आने से बिजली गायब रही।
सोमवार की सुबह छह बजे 220 केवीए पैना ट्रांसमिशन से 33 केवीए की आपूर्ति फेल होने से लोग करीब 30 मिनट तक परेशान रहे। शाम करीब चार बजे अब्दुल्लागंज उपकेंद्र की 33 केवीए लाइन में टू फेसिंग होने के कारण बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई। लोगों ने अवर अभियंता को कॉल की, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
बाद में कॉल को फारवर्ड कर दिया गया। इसके चलते लोगाें को बिजली की सही स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी। इसे लेकर लोगों में काफी नाराजगी है। बिजली जाने से अब्दुल्लागंज, किला, चारखंभा, चौक, कच्चा कटरा समेत बड़े इलाके बिजली के लिए परेशान रहे।
करीब साढ़े छह बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इसी तरह ककरा उपकेंद्र के केबल में फॉल्ट आने से आनंदपुरम कॉलोनी, तिलहरजई, मामूड़ी समेत कई इलाकाें की आपूर्ति भी बाधित हो गई। करीब पांच घंटे तक बिजली नहीं आने से लोग परेशान हो उठे।
इसी तरह सुबह अटसलिया और बादशाहनगर को आने वाली 33 केवीए लाइन पर कैंट के अंदर भारी-भरकम पेड़ गिर गया। लाइन टूटने से दोनाें उपकेंद्र के करीब 105 गांवों की आपूर्ति बाधित हो गई। जेई संजीव शर्मा तुरंत अपनी टीम के साथ पहुंचे, पर जंगल में गश्त करने में ज्यादा समय लगने से आपूर्ति बहाल करने में देरी हो गई।
इस बीच करीब चार घंटे तक बिजली गुल रही और लोगाें को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जेई ने बताया कि आपूर्ति को बहाल करा दिया गया है।
जिम्मेदार नहीं उठाते फोन
बिजली निगम की व्यवस्था से लोग संतुष्ट नहीं हैं। निगम के बड़े से लेकर अवर अभियंता तक उपभोक्ताओं को जवाब देने से बचने के लिए कॉल रिसीव नहीं करते हैं। इसी के चलते बिजली निगम के कंट्रोल रूम में उपभोक्ताओं की शिकायतों की संख्या बढ़ गई है।