जलालाबाद में ट्रांसफॉर्मर को चेक करते कर्मचारी। स्रोत: बिजली निगम
शाहजहांपुर। बारिश होने पर कम हुई बिजली खपत ने एक बार फिर से उछाल मारा है। 380 मेगावॉट बिजली की खपत होने से लोड बढ़ने पर फॉल्ट ने बिजली की व्यवस्था को पटरी से उतार दिया। ककरा उपकेंद्र में केबल बॉक्स में धमाका होने से पूरी रात लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। इंसुलेटर फुंकने और बंच लाइन में आग लगने के मामले भी सामने आए हैं।
तीन दिन बारिश होने के बाद बिजली की खपत थोड़ी घटकर 237 मेगावॉट रह गई थी। अब खपत 380 मेगावॉट तक पहुंच गई है। लोड बढ़ने के साथ ही बिजली की लाइनें भी धोखा देने लगी हैं। सोमवार की रात ककरा उपकेंद्र का केबल बॉक्स में धमाका हो गया। इससे करीब आठ हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जेई के काफी प्रयास करने के बाद भी आपूर्ति शुरू नहीं होने पर अब्दुल्लागंज उपकेंद्र से रात एक बजे जोड़ी गई। इससे पास का उपकेंद्र भी ओवरलोड हो गया। ऐसे में फीडरों को टुकड़ों में बिजली दी गई। इसके चलते पूरी रात लोग बिजली की आवाजाही से परेशान रहे। पूर्वाह्न 11 बजे टीम ने लाइन पर गश्त करने के बाद रेलवे लाइन के किनारे फॉल्ट को तलाश कर आपूर्ति को बहाल किया।
दूसरी ओर अब्दुल्लागंज उपकेंद्र के कच्चा कटरा फीडर पर बंच केबल में आग लग गई। इसके चलते रात में 11 बजे से एक बजे तक लोग बिजली का इंतजार करते रहे। बेरी चौकी के पास इंसुलेटर पंक्चर होने से उपभोक्ताओं को रात 11 से डेढ़ बजे तक बिजली के लिए जूझना पड़ा।
मंगलवार सुबह दस बजे से अटसलिया उपकेंद्र के अहमदनगर में बिजली गुल हो गई। तकनीकी फॉल्ट दोपहर 12 बजे ठीक किया गया। मिश्रीपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा के पास सुबह नौ से चार बजे तक बिजली नहीं आई। अधीक्षण अभियंता अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि गर्मी के कारण मांग बढ़ने पर फॉल्ट आ रहे हैं। सूचना मिलने पर टीमें मौके पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति को बहाल कर रही हैं। संवाद