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आंधी-बरसात से दोपहर को हुई शाम, उखड़े ऊहोर्डिंग, चरमराया बिजली नेटवर्क

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शाहजहांपुर। हवा के कम दबाव और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रविवार को मौसम बिगड़ गया। सुबह से छाए बादल दोपहर में घने होने के बाद चली हवा ने आंधी का रूप लिया तो दोपहर में अंधेरा होने से शाम का अहसास होने लगा। तेज आंधी में सड़कों के किनारे लगे होर्डिंग उखड़ गए। पेड़ की डालेें टूटकर गिरने से बिजली नेटवर्क भी चरमरा गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार बैरोमीटर की रीडिंग मेें भारी उतार-चढ़ाव को देखते सोमवार को भी तेज आंधी और बारिश का कहर जारी रहने के आसार हैं।
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रविवार को सुबह से भूरे बादल छाए होने से बारिश के आसार लग रहे थे। इस वजह से दोपहर एक बजे तक उमस बनी रही। एक घंटे बाद बादलों की परत घनी हुई और मामूली बूंदाबांदी हुई। दोपहर 2.35 बजे से 50-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली तो अंधेरा छा गया। बूंदाबांदी तेज हुई तो धूल के गुबार बैठ गए और दिन के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल गई।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि रविवार को सुबह बैरोमीटर की रीडिंग में 18 अंक की गिरावट तेज आंधी की वजह बनी और इस दौरान 12.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के चलते हवा में नमी बढ़कर 91 प्रतिशत हो गई। उन्होंने बताया कि शाम को एकाएक बैरोमीटर सूचकांक में 56 मिलीबार का उछाल आ गया। इसे देखते सोमवार दोपहर से शाम तक तूफान जैसी आंधी के साथ बारिश होने के आसार बढ़ गए हैं।
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तमाम इलाकों मेें दो घंटे ठप रही बिजली आपूर्ति
शाम करीब चार बजे पुवायां रोड पर चिनौर के पास 132 केवी पॉवर स्टेशन से निकली 33 केवी लाइन पर पेड़ की डाल टूटकर गिरने से गोविंदगंज सब स्टेशन से जुड़े गोविंदगंज मार्केट, रूफसचरन लेन, चर्च कालोनी, डीएम कंपाउंड कालोनी, टाउनहाल, पीली मस्जिद इलाके के फीडरों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। बिजली लाइनों के तार आपस में टकराने से बहादुरगंज, ककरा कलां और सिटी पार्क के 33 केवी उपकेंद्रों के फीडर भी ट्रिपिंग से ठप हो गए। इस वजह से बहादुरगंज, खिरनीबाग, कटिया टोला, सिविललाइंस, बहादुरपुरा, ककरा कलां, आनंदपुरम, आजादपुरम, मदरा खेल, बीबीजई हद्दफ, लोहारों का चौराहा, अलीजई, विश्वकर्मा चौक, जियाखेल, हथौड़ा, सुभाष चौराहा, लोधीपुर आदि इलाकों मेें बत्ती गुल हो गई। लाइन फाल्ट ठीक होने पर इन सभी क्षेत्रों में करीब दो घंटे बाद बिजली सप्लाई बहाल हो सकी।
आंधी में उड़ा भूसा, आम की फसल गिरी
परौर। दोपहर को अचानक मौसम ने अपना मिजाज बदला और धूल भरी आंधी चलने के साथ बारिश से परौर क्षेत्र के तमाम गांवों की बत्ती गुल हो गई। गेहूं की गहाई के बाद खेत में लगे भूसे के ढेर उड़ गए और बागों में आम की फसल गिर गई। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार सब्जी और मेंथा की फसल के लिए बारिश लाभकारी होगी, लेकिन आम की फसल को 20 से 30 फीसदी नुकसान होने की आशंका है। जो किसान गेहूं नहीं काट पाए, उन्हें फसल कटाई के लिए दो दिन धूप निकलने का इंतजार करना होगा। बता देें कि जिले के आठ हजार हेक्टेयर में आम के बाग हैं और इस बार फसल पहले से ही बहुत कम है।
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