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आपात कटौती के बाद भी नहीं मिल रही बिजली सप्लाई

Fri, 15 Apr 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
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Electricity
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 तापमान में बढ़ोतरी के साथ भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है। इसी के साथ पंखे-कूलर, फ्रिज आदि उपकरण इस्तेमाल होने से बिजली की मांग भी बढ़ने लगी है। इसके बावजूद बिजली सप्लाई की अवधि घटती जा रही है। स्थिति यह है कि दो घंटे की आपात कटौती के बाद शहर के लोगों को एक-डेढ़ घंटे बिजली मिल पाती है कि आधी रात के बाद दो से तीन घंटे की नियमित कटौती थोप दी जाती है। बिजली संकट से शहरी जनजीवन बुरी तरह बेहाल है।
गर्मी हो अथवा सर्दी, हर मौसम में बिजली कटौती शहर के लोगों के लिए आम बात हो गई है। पिछले एक साल से रोजाना नौ घंटे की नियमित बिजली कटौती का शेड्यूल लागू है। विभिन्न राजनीतिक दलों और व्यापार संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन और घेराव किए जाने से केवल इतना फर्क पड़ा कि सर्दियों में देर रात को होने वाली कटौती हटा ली गई, लेकिन कटौती अवधि में कोई कमी नहीं की गई।
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इधर, होली के बाद से आधी रात के बाद दो से तीन घंटे की नियमित कटौती लागू कर दी गई। इसे लेकर कांग्रेस सेवादल, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा और विभिन्न व्यापार संगठनों ने पॉवर कारपोरेशन के अफसरों को तीखे तेवर दिखाने शुरू किए। बदले में अफसरों ने विभागीय सिस्टम कंट्रोल के एक्सईएन से पत्राचार कर रात में कटौती खत्म कराने का दिया, लेकिन हुआ कुछ नहीं। इसके विपरीत गत एक सप्ताह से आपात कटौती के बाद नियमित कटौती थोपी जाने लगी है। 
दरअसल, अभी तक विभाग नियमित कटौती से कुछ घंटे पहले लखनऊ सिस्टम कंट्रोल द्वारा आपात कटौती लागू होने की दशा में लोगों को नियमित कटौती से राहत दे देता था। अब शाम को सात बजे के बाद दो घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग में शहर के सारे पॉवर सब स्टेशन बंद रहते हैं। बाद में कुछ देर को बिजली दी जाती है और आधी रात के बाद नियमित कटौती से शहर की बत्ती गुल हो जाती है। 
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अगले माह बिजली कटौती से राहत की उम्मीद
प्रदेश में बिजली संकट से निपटने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम पांच सौ मेगावाट बिजली खरीदने पर विचार कर रहा है। बिजली खरीदे जाने पर अगले माह मई में पॉवर कट से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रात में बिजली की आपात कटौती नहीं करने के संबंध में सिस्टम कंट्रोल से पत्राचार किया गया है। 
-आरके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, पॉवर कारपोरेशन
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