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गबन के आरोप में कलान की ब्लॉक प्रमुख सहित दस के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट

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कलान में खंड विकास अधिकारी का कार्यालय। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। गबन के आरोप में कलान की ब्लाक प्रमुख रुचि वर्मा समेत दस लोगों के खिलाफ बृहस्पतिवार को कलान थाने में एफआईआर दर्ज की गई। उन पर आरोप है कि कलान नगर पंचायत बनने के बाद उन्होंने एक ग्राम निधि की अवशेष धनराशि को कई खातों में भेज दिया। मामले की प्राथमिक जांच में गबन की पुष्टि हुई।
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भारत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने 25 अगस्त को मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में विकासखंड कलान की ग्राम सभा रफियाबाद कलान के मामले में शिकायत की थी। इसमें कहा था कि रफियाबाद कलान को नगर पंचायत घोषित किया जा चुका है। यहां ग्राम निधि के खाते में अवशेष धनराशि पड़ी हुई थी। अवशेष राशि में 11 अगस्त और 12 अगस्त को ई-स्वराज पोर्टल के माध्यम से फर्जी तरीके से मेकर के रूप में डोंगल रजिस्टर्ड करा कर ग्राम प्रधान के स्थान पर किसी अन्य डीएससी को रजिस्टर्ड कर पीएफएमएस के माध्यम से शासकीय धनराशि 15 लाख, 77 हजार, 963 रुपये निकाल कर बंटवारा कर लिया गया।
शिकायत पर निदेशक पंचायती राज ने मामले की जांच देवीपाटन मंडल गोंडा के उप निदेशक पंचायतीराज आरएस चौधरी को सौंपी थी। उप निदेशक की जांच में गबन की पुष्टि होने के बाद डीपीआरओ ने ब्लॉक प्रमुख रुचि वर्मा, तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी अरुण कुमार निगम, तत्कालीन एडीओ पंचायत धनराज पटेल, देवीलाल मौर्या, कंप्यूटर ऑपरेटर केशरीनदंन, पंकज गुप्ता, संजीव कुमार, राहुल वर्मा, गुड्डू, पीयूष गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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उप निदेशक ने जांच में पाया था घोटाला
पंचायतीराज विभाग के निदेशक के आदेश पर विभाग के देवीपाटन मंडल गोंडा के उप निदेशक आरएस चौधरी ने जांच की थी। जांच के बाद उन्होंने दस पेज की जांच रिपोर्ट निदेशक को सौंपी थी। जांच आख्या में कहा था कि 15 लाख, 77 हजार, 963 रुपये का गबन ई-स्वाराज पोर्टल पर चेकर के रूप में रुचि वर्मा का डीएससी प्रयोग कर और मेकर के रूप में अरुण कुमार निगम के डोंगल से किया है। सेक्रेटरी अरुण कुमार निगम और रुचि वर्मा की डीएससी कैंसिलेशन और रजिस्ट्रेशन का अप्रूवल ब्लॉक में पूर्व में तैनात एडीओ पंचायत धनराज पटेल की डीएससी से किया है।
इनके खाते में भेजी गई है राशि
उप निदशेक की जांच में यह भी कहा था कि 15, 77, 963 रुपयों में 11 अगस्त को त्रिपुपति कंस्ट्रक्शन के कलान निवासी पंकज गुप्ता के खाते में 498582 रुपये, शाक्य बिल्डिंग मैटेरियल के परौर निवासी संजीव कुमार के खाते में 408553 रुपये, राहुल वर्मा के खाते में 91005 रुपये, 12 अगस्त को शाक्य बिल्डिंग मैटेरियल के परौर निवासी संजीव कुमार के खाते में 278076 रुपये, गुड्डू के खाते में 96674 रुपये, त्रिपुपति कंस्ट्रक्शन के कलान निवासी पंकज गुप्ता के खाते में 123825 रुपये, शंकर मशीनरी स्टोर के पीयूष गुप्ता के खाते में 81,248 रुपये भेजे गए हैं।
धनराशि खातों में भेजने में इनकी रही भूमिका
उप निदेशक ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि गबन के इस मामले में एडीपीएम देवीलाल मौर्या, कलान ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर केशरीनंदन की भूमिका भी पाई गई है। जांच अधिकारी ने जांच के दौरान बातचीत में पाया था कि डीपीआरओ कार्यालय में तैनात स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लेखाकार दीपक कुमार, राहुल वर्मा, त्रिपुपति कंस्ट्रक्शन के पंकज गुप्ता, परौर निवासी शाक्स बिल्डिंग मैटेरियल के प्रोपाइटर संजीव कुमार, शंकर मशीनरी स्टोर के स्वामी पीयूष गुप्ता, गुड्डू के खाते में दुरभिसंधि कर गबन करने के उद्देश्य से धनराशि अनियमित रूप से भेजने की पुष्टि हुई है। इसके लिए रुचि वर्मा, धनराज पटेल, अरुण कुमार निगम की डीएससी का प्रयोग किया है।
आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट, अन्य बयान के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं
शाहजहांपुर के डीपीआरओ पवन कुमार ने बताया कि निदेशक पंचायतीराज के आदेशानुसार मेरी ओर से कलान थाने में दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अन्य कोई बयान देने के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं।
मेरी छवि धूमिल करना चाहते हैं कुछ लोग
नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख रुचि वर्मा ने कहा कि आज तक मुझे डोंगल एक्टिवेट करके दिया ही नहीं गया है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को भी अवगत करा चुकी हूं। न मुझे भुगतान की कोई जानकारी है। इसमें एक ब्लॉक कर्मचारी का हाथ है। मुझे षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। कुछ लोग मेरी राजनीतिक छवि धूमिल करना चाहते हैं।
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