खुटार (शाहजहांपुर)। खुटार के गांव कुभिया माफी के बाद बृहस्पतिवार रात नेपाली हाथियों ने गांव कोचर फार्म के पास गांव निहालपुर में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने निजी नलकूप के भवन को ढहा दिया और मोटर आदि सामान उखाड़कर खेत में फेंक दिया। हाथियों ने खेत के चारों ओर लगी फेंसिंग को भी तोड़ डाला और धान की काफी फसल रौंद दी।
जनपद लखीमपुर में फसलों को काफी नुकसान करने के बाद नेपाली हाथियों का झुंड अब खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट में डेरा डाले हैं। बृहस्पतिवार रात हाथियों का झुंड कोचर फार्म के पास गांव निहालपुर क्षेत्र में आ पहुंचा। हाथियों ने जंगल के किनारे हीरा सिंह के खेत में नलकूप को तोड़ डाला। मोटर उखाड़कर खेत में फेंक दिया और पास में पड़ी झोपड़ी, टीन शेड आदि ढहा दिया।
गनीमत रही कि फसल की रखवाली के लिए नलकूप पर कोई मौजूद नहीं था। हाथियों ने खेत के चारों ओर लगी तारों की बाड़ के सारे पिलर भी उखाड़ दिए। इसके बाद हाथियों ने धान की फसल रौंद दी। हीरा सिंह का खेत ठेके पर सर्वजीत सिंह के पास है। सर्वजीत सिंह को काफी नुकसान हुआ है। 27 और 28 सितंबर की रात को भी हाथियों के झुंड ने गांव कुभिया माफी के पास धान की फसल को नुकसान पहुंचाया था।
नलकूप के पास गड्ढे में गिरा हाथी
नलकूप के पास ही दो गहरे गड्ढे हैं। नलकूप के पास आए हाथियों के झुंड से एक हाथी गड्डे में भी गिर गया। गड्ढे के पास कई हाथियों के पैरों के निशान मिले हैं और गड्ढे की काफी मिट्टी भी रौंदी मिली है। समझा जाता है कि गड्ढे से हाथी को निकालने में अन्य हाथियों ने गड्ढे के आसपास की मिट्टी को हटाकर हाथी को निकाला है।
किसानों ने दी वनकर्मियों को सूचना
किसानों ने वनकर्मियों को हाथियों से हुए नुकसान की सूचना देकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसान सर्वजीत सिंह, रंजीत सिंह आदि ने बताया कि हाथियों से हुए नुकसान की वन विभाग भारपाई करने के साथ ही हाथियों को नेपाल के जंगलों की ओर खदेड़ने की व्यवस्था करे। सूचना पर वन वाचर रामू शुक्ला पहुंचे। बताया कि उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गई है।
अधपके धान कटवाने को मजबूर किसान
किसान अधपके धान कटवाने की तैयारी करने लगे हैं। उनका कहना है कि पकी फसल को हाथी नष्ट कर देंगे, इससे अच्छा फसल कटवाकर बेचने से कुछ रुपये तो मिलेंगे। देवेंद्र सिंह ने बताया कि हाथियों के आने से खेतों में कुछ भी न बच पाने का डर है, इसलिए किसान सस्ता धान बेचकर गुजारा करने को मजबूर हैं।
प्राइवेट चौकीदार के भरोसे वन विभाग की चौकी
वन विभाग की खुटार चौकी बंद पड़ी है, वहीं लाखों रुपये की लागत से बनी कोचर फार्म चौकी पर कोई भी वनकर्मी नहीं रहता है। अधिकतर कर्मचारी मैलानी और पुवायां में परिवार के साथ रह रहे हैं। किसान जब शिकायत लेकर पहुंचते हैं तो वहां एक प्राइवेट चौकीदार मिलता हैं जो लोगों को अधिकारियों को मामले से अवगत करा देने की बात कहकर टाल देता है।
हाथियों ने मेरी धान की काफी फसल नष्ट कर दी है और खेत में बना नलकूप भी गिरा दिया है। मोटर आदि भी उखाड़ दी है। मैंने पांच प्रतिशत ब्याज पर रुपये लेकर लागत लगाई है। वन विभाग को नुकसान का आंकलन कर मुआवजा देना चाहिए।
सर्वजीत सिंह, गांव निहालपुर खुटार
हाथी करीब आठ दिन से जंगल के आसपास फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और वन विभाग के कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। काफी लागत से फसल तैयार हुई है, लेकिन हाथी फसल नष्ट करने पर आमादा हैं।
रंजीत सिंह, गांव निहालपुर खुटार
हाथियों के फसल नष्ट करने की सूचना मिली है। वनकर्मियों को मौके पर भेज कर जांच कराई जाएगी। नुकसान का आकलन कराया जाएगा।
डीएस यादव, वन क्षेत्राधिकारी खुटार।