खुटार। गांव कुभियां माफी में नेपाली हाथियों के धान और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाने की खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की टीम ने बुधवार को मौका मुआयना कर नुकसान का जायजा लिया।
जनपद लखीमपुर की सैंजनिया बीट से नेपाली हाथी खुटार रेंज के जंगलों में आ गए थे। सोमवार और मंगलवार रात नेपाली हाथियों के झुंड ने गांव कुंभिया माफी में प्रधान सहित गांव के कई किसानों की धान, गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया था। हाथियों को भगाने का प्रयास करने पर उन्होंने किसानों को दौड़ा लिया था। ग्रामीणों ने बमुश्किल हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा।
किसानों ने वनकर्मियों को जानकारी देते हुए हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की आशंका जाहिर की थी। बुधवार को रेंजर डीएस यादव के निर्देश पर वन विभाग की टीम पहुंची और किसानों ने जानकारी लेने के बाद फसलों में हुए नुकसान का आंकलन किया। वन दरोगा एनबी पांडे ने बताया कि नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट रेंजर को दी जाएगी।
रात में फसलों की रखवाली कर रहे किसान
हाथियों के फिर से आकर फसलों को नुकसान पहुंचाने की आशंका से किसान बेहद परेशान हैं। किसानों का कहना है कि वन विभाग को हाथियों को घने जंगल की ओर खदेड़ने की व्यवस्था करनी चाहिए। किसान रात में खेत पर रह कर फसलों की रखवाली कर रहे हैं।
वन दरोगा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा है। जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। हाथियों ने किसानों की फसल का नुकसान किया है तो रिपोर्ट भेजकर वाइल्ड लाइफ से मुआवजा दिलाने की मांग की जाएगी।
डीएस यादव, वन क्षेत्राधिकारी, खुटार रेंज