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ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट से भीषण गर्मी में लोग हो रहे बेहाल

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शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में बिजली कटौती जले पर नमक का काम कर रही है। शहरी इलाकों में ओवरलोडिंग की वजह से ट्रांसफार्मर जवाब दे रहे हैं, लाइनों की मरम्मत आदि के कारण लोग कटौती का दंश झेल रह हैं। लेकिन ग्रामीणों क्षेत्रों का हाल और भी बुरा है। आंधी और बूंदाबांदी के कारण हाईटेंशन लाइनें खराब हो रही हैं। इस वजह से तहसील क्षेत्रों में सिर्फ 10 से 12 घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिल रही है।
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मध्यांचल विद्युत निगम प्रबंधन ने जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों और नगरीय निकायों को 21.30 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली देने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों का शहर होने के कारण शहरी क्षेत्र में लाइन फाल्ट के अलावा अनवरत बिजली मिल रही है, लेकिन जिले के अन्य नगरों और कस्बों समेत गांवों में बिजली व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं लौट सकी है।
चार मई को आंधी में पेड़ों की शाखाएं और टहनियां टूटकर गिरने से 33 और 11 केवी क्षमता वाली कई हाईटेंशन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इससे कई दिनों तक लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ा। 11 मई को फिर बारिश और तेज हवा चलने से शहर के आधे हिस्से में पूरी रात ब्लैक आउट रहा। मिर्जापुर, कलान, जैतीपुर, खुदागंज आदि दूरस्थ ब्लॉकों के गांवों के लोगों को दो दिन तक बिजली संकट से जूझना पड़ा।
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तिलहर में चल रहा केबल बदलने का काम
तिलहर। विद्युत निगम के अवर अभियंता नरेंद्र कुमार ने बताया कि नगर में स्टेशन रोड पर राजा टाकीज के पास लगे ट्रांसफार्मर पर केबल बदलने का काम चल रहा है। जर्जर हो चुका केबिल बदलने से लाइनों में खराबियां कम होने की संभावना है। इस दौरान करीब तीन घंटे तक आसपास के क्षेत्रों की बत्ती गुल रही। संवाद
पुवायां में दस से 12 घंटे तक ही आपूर्ति
पुवायां। पुवायां में मंगलवार रात तीन बार बिजली काट दी गई। खुटार में भी जबरदस्त बिजली की कटौती की जा रही है। लोगों का कहना है कि आधे घंटे बिजली सप्लाई मिलने के बाद कटौती हो जाती है। यह कटौती आधे घंटे से लेकर घंटे भर तक होती है। 24 घंटे में दस से 12 घंटे तक ही बिजली मिल रही है। उधर, बंडा में उपभोक्ताओं के अनुसार यहां लगभग 15 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन तमाम गांवों में बिजली कम आ रही है। संवाद
जलालाबाद में कम हुई कटौती की समस्या
जलालाबाद। पिछले सप्ताह की अपेक्षा जलालाबाद में कटौती में कमी आई है, परंतु फिर भी नगर क्षेत्र में 14 से 16 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 8 से 10 घंटे ही उपभोक्ताओं को बिजली नसीब हो रही है। अधिकारियों के अनुसार नगर में ढाई से तीन तथा ग्रामीण क्षेत्र में पांच से छह घंटे की रोस्टिंग ऊपर से हो रही है। कुछ घंटे खराबियां सही करने के दौरान सप्लाई बाधित रहती है। संवाद
कलान में दो दिन में बदले ट्रांसफार्मर
कलान। आंधी में परौर तिराहे पर 400 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर फुंकने से परौर रोड के करीब 600 घरों की बिजली गुल हो गई थी। दो दिन बाद ट्रांसफार्मर बदले जा सके। दोबारा आंधी-पानी में कई लाइनें खराब हो गईं और तभी से तहसील क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। विद्युत उपकेंद्र के प्रभारी अवर अभियंता माता प्रसाद के अनुसार लाइनों की निगरानी और मरम्मत का काम लगातार कराया जा रहा है।
दो सप्ताह पहले की तुलना में ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ है। गांवों को अब 14-15 घंटे से ज्यादा बिजली दी जा रही है। बारिश का दौर शुरू होने पर बिजली उत्पादन और उसी के अनुरूप आपूर्ति में भी सुधार होगा। यदि किसी क्षेत्र में 10-12 घंटे से अधिक बिजली नहीं पहुंच रही है तो बहुत संभव है कि वहां लाइनों अथवा बिजली उपकेंद्रों के यार्ड में स्थापित उपकरणों में कोई खराबी आ रही है। -आरके उपाध्याय, अधिशासी अभियंता (पारेषण खंड), विद्युत निगम
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