शाहजहांपुर। दूसरे दिन शुक्रवार को भी ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में कोई सुधार नही हो सका। शासन से निर्धारित रोस्टर के अनुसार गांवों में 18 घंटे के बजाय मुश्किल से पांच से सात घंटे बिजली दी जा रही है। यही नहीं, तहसील मुख्यालयों और उनसे जुड़े कस्बों में 21.5 घंटे के बजाय आठ से दस घंटे बिजली मिल रही है। तिलहर, पुवायां, जलालाबाद, खुटार, बंडा, निगोही, खुदागंज, मीरानपुर कटरा आदि नगरीय इलाकों में रात 11 बजे से सुबह छह बजे तक कई बार बिजली आपूर्ति घंटों ठप रही। बाद में लाइनें चालू होने पर ओवरलोडिंग से ट्रिपिंग होने और जंपर जलने आदि कारणों से भी बिजली आपूर्ति में व्यवधान बना रहा।
जलालाबाद में बार-बार जाती रही बिजली
जलालाबाद। बीते दिन शाम 4.30 बजे तक रुक-रुककर बिजली आती रही, लेकिन बाद में लंबे समय के लिए बत्ती गुल हो जाने से लोग चैन की नींद नहीं ले सके। देर रात करीब 10.30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन रात दो बजे से फिर आपात कटौती लागू कर दी गई जो कि शुक्रवार को सुबह 5.30 बजे तक जारी रही। बाद में बिजली आने पर नगर के कई इलाकों में लो वोल्टेज, ट्रिपिंग, जंपर जलने जैसी समस्याएं पैदा होने लगीं। इस कारण दिन में भी लोगों को भीषण गर्मी से बचने को पंखे-कूलर की हवा को तरसना पड़ गया। संवाद
तिलहार में पांच घंटे की आपात कटौती
तिलहर। बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे से आपात कटौती लागू कर दी गई जो शुक्रवार को तड़के तीन बजे तक प्रभावी रही। बिजली के बगैर रात भर जागकर परेशान हुए लोग दिन में भी बिजली संकट झेलने को मजबूर रहे। विद्युत निगम का कोई अभियंता यह बता पाने की स्थिति में नहीं है कि एक माह पहले जैसी आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लौटने में कितना वक्त लगेगा।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के लखनऊ सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर शहर को कटौती रहित 24 घंटे बिजली दी जा रही है। बीती शाम से शुक्रवार शाम तक तहसील मुख्यालयों को 15 घंटे बिजली दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी साढ़े नौ घंटे बिजली दी गई जो कि एक दिन पहले की तुलना में डेढ़ घंटा अधिक है। लोकल फाल्ट हो सकते हैं। जब तक बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ेगा, आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर लाना कठिन होगा।
-आरके उपाध्याय, एक्सईएन (ट्रांसमिशन), शाहजहांपुर
पछुआ हवा से पारा उछला तो गर्मी ने फिर गढ़ा कीर्तिमान
शाहजहांपुर। वायुदाब में बृहस्पतिवार शाम हुई मामूली वृद्धि के बाद आधी रात से उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा की गति बढ़ी तो शुक्रवार सुबह सूर्योदय से पहले तक जनजीवन को थोड़ी राहत महसूस हुई। इस कारण न्यूनतम तापमान भी 0.3 डिग्री घटकर 28.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। बाद में सूरज निकलने के साथ धूप ने तेजी पकड़ी तो पछुआ हवा भी गर्म होकर लू में बदलने से दोपहर तक अधिकतम तापमान 0.1 डिग्री उछलकर 42.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। लगातार नवें दिन तापमान में वृद्धि से जन सामान्य के लिए गर्मी अब असहनीय होने लगी है। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार वायुदाब में विचलन नहीं होने की दशा में अब लू चलने की शुरुआत होने से अगले दो दिन में तापमान 44 से 45 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।