कुछ लोगों को हमारी अजान की आवाज पसंद नहीं
ईद की नमाज से पहले शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने कहा कि दुनिया में आने का मकसद इबादत करना था। वह कौम जिसे इबादत के लिए पैदा किया गया। वह अपने मकसद को भूल गई। जो इबादत के मकसद को भूल जाए, उसकी जमानत कोई नहीं ले सकता है।
शहर इमाम ने कहा कि जब पैगंबर ए इस्लाम की तालीम पर कौम ने इबादत की तो अल्लाह ने कामयाबी दी। एक जमाना था जब पूरी दुनिया में मुस्लिमों का राज था। उन्होंने मस्जिदों में लाउडस्पीकर की आवाज पर पाबंदी लगाए जाने पर कहा कि कुछ लोगों को अजान की आवाज पसंद नहीं है।