शाहजहांपुर। जलालाबाद थाना क्षेत्र के डहर गांव में ममता और रमनपाल की हत्या के पीछे की वजह अपमान से उपजी रंजिश सामने आ रही है। दस साल पहले जब ममता ओमपाल को छोड़कर चली गई तो वह बहुत अपमानित महसूस कर रहा था। पिछले साल जब ममता और रमनपाल दोनों वापस आकर गांव में रहने लगे तब ओमपाल और उसके बेटों ने उन्हें रास्ते से हटाने की ठान ली।
डहर गांव के रहने वाले लोगों ने बताया कि दस साल पहले ओमपाल अपनी पत्नी ममता और तीन बच्चों के साथ आराम से रह रहा था। ममता के संबंध रमनपाल से हो गए तो पति-पत्नी में खटपट होने लगी। झगड़े के बाद ममता ने ओमपाल और तीनों बच्चों को छोड़कर रमनपाल के साथ रहना शुरू कर दिया। तब बच्चे छोटे थे। ओमपाल के विरोध के बाद ममता रमनपाल के साथ गांव से चली गई। दोनों हरियाणा के पानीपत में जाकर रहने लगे। पिछले साल जब दोनों लौटकर गांव में रहने लगे तो ओमपाल और उसके बेटों के लिए असहनीय हो गया। बेटे अब बड़े हो गए थे और सबकुछ समझने भी लगे थे। पिछले एक-डेढ़ साल के दौरान कई बार ओमपाल और रमनपाल की नोकझोंक हुई थी। बुधवार रात जब रमनपाल खेत में अकेला था तो ओमपाल और उसके बेटों ने उसे घेर लिया। उसे पीटने लगे। पहले से आशंकित ममता को जब पता चला तो वह भागी-भागी खेत में पहुंची।
यहां पर उसे देखकर हमलावरों ने उसे भी पीटना शुरू कर दिया। दोनों को तब तक पीटा जब तक उनके प्राण नहीं निकल गए। इसके बाद हमलावर भाग गए। रमनपाल के भाई समरपाल ने बताया कि लाठी-डंडे के साथ धारदार हथियार से हमला किया गया है। सूचना पाकर थाने की पुलिस के साथ एसपी एस आनंद और एसपी ग्रामीण संजीव वाजपेयी गांव पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत की। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। पुलिस हत्यारोपियों की तलाश कर रही है।