निजी मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर ने नर्सिंग छात्रों पर हमला करने और बाहरी लोगों से पिटवाने का आरोप लगाय था। अब छात्राओं ने डॉक्टरों पर छेड़खानी का आरोप लगाया है।
शाहजहांपुर जिले के एक निजी मेडिकल कॉलेज में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। डॉक्टर ने नर्सिंग के छात्र-छात्राओं पर बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर हमला कर मारपीट करने का आरोप लगाया। तिलहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मंगलवार को विद्यार्थियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डॉक्टरों पर अभद्रता व छेड़खानी का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है।
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दोपहर में छात्र-छात्राएं पुलिस कार्यालय पहुंचे। वहां एसपी देहात अरुण दीक्षा भांवरे को प्रार्थना पत्र देकर पूरी जानकारी दी। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया और एडीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि करीब एक महीने से उनकी ड्यूटी रात में लगाई जा रही है। 24 मई की रात दो से पांच बजे के बीच आराम का समय था।
महिला डॉक्टर ने उन लोगों के साथ अभद्र शब्दों का प्रयोग किया। अन्य पुरुष डॉक्टरों ने उनकी रैगिंग की। छात्राओं को मुर्गा बनवाया। घुटनों के बल चलाया और छेड़खानी करते हुए गाली-गलौज की। बमुश्किल दरवाजा खोलकर खुद को बचाया। इसकी शिकायत कॉलेज में अन्य डॉक्टरों से की तो उन्होंने विभागीय जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज में जान को खतरा बताया है।