शाहजहांपुर। पुराने जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं की पोल डीएम के निरीक्षण में खुल गई। डीएम ने छापे के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारी के मिलने पर फटकार लगाई, साथ ही कमरे में सामान अव्यवस्थित मिलने पर नाराजगी जताई।
सोमवार को डीएम उमेश प्रताप सिंह ने पुराने जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र के पटल का निरीक्षण किया। कर्मचारियों से उनके कार्य के बारे में जानकारी ली। डीएम को सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यालय परिसर में आने का स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। इस पर उनकी जमकर फटकार लगाई, साथ ही अनधिकृत लोगों के कार्यालय में आने पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
डीएम ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने आए लोगों से संवाद किया। पूछा- किसी ने रुपये तो नहीं मांगे। डीएम ने दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जानकारी ली। ईएनटी सर्जन और दिव्यांग बोर्ड के सदस्य डॉ. पीएस मौर्य ने बताया कि सोमवार को केवल पांच दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए गए हैं। डीएम ने पाया कि कमरे में सामान अव्यवस्थित रूप से बिखरा पड़ा है। खाली पानी की बोतलों को अलमारी में रखा गया है। फाइलें व पेपर मेज पर बिखरे पड़े हैं, अलमारी के ऊपर अप्रयुक्त वस्तुओं को अव्यवस्थित ढंग से रखा गया है। बाहर की ओर परिसर में फर्नीचर व अलमारियां भी ठीक से नहीं रखी थी। डीएम ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ को निर्देश दिए कि वह जल्द कार्यालय को दुरुस्त कराएं। बाहर परिसर में रखी अलमारी और फर्नीचर को हटाकर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने आए हुए व्यक्तियों के लिए बैठने की व्यवस्था करें। खराब पंखे को सही कराएं।
इस दौरान एक कमरे में अर्बन हेल्थ को-ऑर्डिनेटर पुनीत कुमार द्वारा ई-कवच ऐप की ट्रेनिंग के लिए दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने सख्त निर्देश दिए कि दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने आए हुए व्यक्तियों से किसी भी प्रकार से रुपया न लिया जाए।