शाहजहांपुर। कार्तिक शुक्ल पक्ष देवोत्थान एकादशी रविवार को पड़ रही है। जोकि सूर्योंदय से शुरू होकर सोमवार को सूर्योदय तक रहेगी। इसी के साथ चार महीनों से रुके हुए सभी मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाएंगे। इसके चलते शहर के लगभग सभी मैरिज लॉन और बैंड बुक हो चुके हैं।
मान्यता है कि देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु चार महीने बाद निद्रा से जागेंगे। भगवान के निद्रा से जागने के बाद ही सभी मांगलिक कार्य गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा, विवाह आदि शुभ आयोजन शुरू होते हैं। देवोत्थान एकादशी अनबूझा मुहूर्त माना जाता है, इसमें बिना विचारे विवाह संपन्न किया सकता है। इस पर्व को स्वयं सिद्ध मुहूर्त भी कहते हैं। इस एकादशी को पूजा-पाठ, व्रत करने से मोक्ष की प्राप्ति सुगमता से होती है।
चौक स्थित दुर्गा माता मंदिर के पुजारी अरुण शुक्ला ने बताया कि 20 जुलाई देवशयनी एकादशी को भगवान विष्णु चार माह के लिए शयन मुद्रा में चले गए थे। अब देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान निद्रा से जागेंगे और मांगलिक कार्य शुरू होंगे। इनमें शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त भी हैं।
14 दिसंबर तक विवाह की 16 लगन
पंडित अरुण शुक्ला ने अनुसार इस बार 15 नवंबर से 14 दिसंबर तक सिर्फ 16 लगन ही विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। 16 दिसंबर से एक माह के लिए फिर मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। इसका कारण दिसंबर माह में धनु राशि पर सूर्य देव का आना है। इस माह को खरमास के नाम से जाना जाता है। खरमास के बाद 14 जनवरी मकर संक्रांति से ही विवाह प्रारंभ हो सकेंगे। 14 जनवरी से 20 फरवरी तक लगातार विवाह मुहूर्त रहेंगे।
चार महीने में वैवाहिक मुहूर्त की तिथियां
नवंबर - 15, 19, 20, 21, 26, 28, 29, 30
दिसंबर - 12, 16, 8, 19, 11, 12, 13, 14
जनवरी - 15, 20, 23, 24, 27, 28, 29, 30
फरवरी - 5, 6, 9, 11, 12, 18, 19, 20
कोरोना के बाद मैरिज लॉन और बैंड वालों के आए अच्छे दिन
कोरोना महामारी से सिर्फ सेहत पर ही नहीं, आर्थिक गतिविधियों पर भी काफी प्रभाव डाला था। इनमें शादी-विवाह से जुड़े कारोबारी भी शामिल रहे। कोरोना के चलते शादियों का सिलसिला थमने से उनका काम ठप रहा था। अब देवोत्थान एकादशी इन कारोबारियों के लिए नई उम्मीदें लेकर आ रहा है। शादियों के लिए अत्यंत शुभ माने जाने वाले इन मुहूर्त के लिए शहर के मैरिज लॉन, बैंड और कैटरिंग की बुकिंग फुल चल रही है। कारोबारियों का कहना है कि अगर कोरोना महामारी पर नियंत्रण रहा, तो पिछले सालों में हुए नुकसान की भरपाई संभव है।
कोरोना काल में होने वाली शादी-बरातों के लिए जितनी भी बुकिंग मिली थी, लगभग सभी निरस्त हो गईं थीं। इसकी वजह से नुकसान झेलना पड़ा था। फिलहाल अभी कोरोना पर नियंत्रण है और आयोजनों में लोग एकत्रित हो रहे हैं। ऐसे में शुभ मुहूर्तों में लगातार मैरिज लॉन की बुकिंग है। - सैय्यद रिजवान अली, मैरिज लॉन संचालक
कोरोना काल में शादियों का सिलसिला थमा रहने के कारण काफी नुकसान हुआ था। 14 नवंबर से शुरू होने वाले वाली शादी-बरातों के लिए बैंड की बुकिंग हुई है। कोरोना न फैले, तब इंशाअल्लाह काम ठीक चलेगा। 11 दिनों के के लिए बुकिंग मिली है। शादी में दिल खोलकर बैंड बजाएंगे। - महबूब अली, बैंड संचालक
टेंट कारोबारियों को लंबे समय तक मंदी का सामना करना पड़ा है। ऐसे हालात में अब 14 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के मुहूर्त पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इस बार शादी-ब्याह के लिए करीब 40 बुकिंग मिली हैं। सब कुछ ठीक रहा तो कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई हो जाएगी। - भूपेंद्र सिंह, टेंट कारोबारी
कैटरिंग कारोबार के लिए भी यह मुहूर्त काफी अच्छा रहने की उम्मीद है। शहर में लगभग 50-60 कैटर होंगे। हम भी कैटिरिंग का काम करते हैं और इस बार 10-12 बुकिंग मिल गईं हैं। कोरोना काल में जितना नुकसान कैटरिंग वालों का हुआ, उतना शायद ही किसी कारोबार का हुआ हो। - रामदास राठौर, कैटर्स