क्षेत्रीय लेखपाल की मनमानी और शिकायत के बावजूद उसे स्थानान्तरित नहीं किए जाने के विरोध में गांव हथौड़ा बुजुर्ग और अटसलिया के ग्रामीणों ने शनिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करके धरना दिया। बाद में ग्रामीणों ने सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह को ज्ञापन देकर लेखपाल का तबादला नहीं किए जाने पर 20 अप्रैल को भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।
धरना-प्रदर्शन में शामिल शकीला, अनीसा, जाहिद अली, इम्तियाज मंसूरी, प्रेमपाल, राजेश कुमार, तसव्वर, राकेश वर्मा आदि ने बताया कि क्षेत्र के लेखपाल महारम सिंह ने गांव के कई लोगों से जमीन के पट्टे दिलाने के लिए पांच-पांच हजार रुपये ले लिए, लेकिन पट्टे जारी नहीं किए। जमीन के पट्टे मांगने पर लेखपाल ने पांच-पांच हजार रुपये और मांगे। यह धनराशि नहीं दिए जाने पर उन्हें लेखपाल के स्तर से तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि इस संबंध में गत दो अप्रैल को गांव के तमाम लोगों को डीएम को शिकायती पत्र दिया। इस मामले में जांच एसडीएम सदर एपी श्रीवास्तव को सौंपी गई, लेकिन उन्होंने स्वयं जांच करने के बजाय आरोपी लेखपाल को ही जांच का दायित्व सौंप दिया। लेखपाल ने गांव में घर-धर जाकर शिकायतकर्ताओं को धमकाकर अपने पक्ष में बयान देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इधर, एसडीएम श्रीवास्तव ने लेखपाल द्वारा ग्रामीणों को धमकाए जाने से इनकार करते हुए कहा कि जांच वे स्वयं कर रहे हैं।
नियम विरुद्ध जमीन के पट्टे लेना चाहते हैं ग्रामीण
हथौड़ा और अटसलिया के कुछ ग्रामीण सरकारी नियमों के विपरीत जमीन के पट्टे मांग रहे हैं। ऐसा करने से इनकार करने पर उन पर धमकाने का झूठा आरोप लगा रहे हैं। जमीन के पट्टे स्वीकृत ही नहीं किए, इसलिए धनराशि मांगे जाने का आरोप निराधार है।
-महारम सिंह वर्मा, लेखपाल, तहसील सदर