फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: समितियों तक खाद की आपूर्ति में देरी पड़ रही भारी...परेशान हो रहे किसान

विज्ञापन
कुर्रियाकलां गांव में सहकारी समिति के बाहर खाद लेने के लिए खड़े किसान। संवाद
विज्ञापन
शाहजहांपुर। सहकारिता विभाग के गोदामों से साधन सहकारी समितियों के लिए यूरिया की आपूर्ति में देरी होने से किसानाें को उनकी मांग के अनुरूप खाद नहीं मिल पा रही है। जलालाबाद और कलान तहसील में इन दिनों बाढ़ की वजह से कई रास्ते जलमग्न हो गए हैं। इसलिए इन क्षेत्रों की समितियों पर खाद देर से पहुंच रही है।
विज्ञापन

अन्य तहसीलों के जिन गांवों में बाढ़ जैसा कोई संकट नहीं है, वहां की समितियों पर भी एक सप्ताह से खाद का नया स्टॉक नहीं पहुंचा है, जबकि अधिकारी सहकारिता विभाग के गोदामों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता बता रहे हैं। किसान फुटकर विक्रेताओं से महंगे दामों पर यूरिया खरीदने के लिए मजबूर हैं।


यूरिया का ट्रक पहुंचते ही टोकन पाने की लगी होड़
कुर्रियाकलां। गांव की सहकारी समिति पर मंगलवार को सुबह एक ट्रक यूरिया पहुंचते ही टोकन पाने के लिए किसानों में होड़ लग गई। किसानों को जरूरत के हिसाब से दोपहर तक टोकन जारी कर दिए गए। मंगलवार को भी कई गांवों के किसानों को यूरिया नहीं मिली। उनको दोबारा लाइन में लगने के बाद मशीन पर अंगूठा निशान लगवाकर टोकन जारी किए गए। समिति के सचिव रंजीत सिंह के मुताबिक खरीफ सीजन में अब तक पांच हजार बोरी यूरिया बांटी जा चुकी है। जिन किसानों को अब तक खाद नहीं मिली, उन्हें बुधवार को बुलाया गया है। संवाद
विज्ञापन



जलालाबाद क्षेत्र की कई समितियों पर खाद का टोटा
जलालाबाद। खाद समय पर नहीं पहुंचने के कारण समितियों पर यूरिया और डीएपी की किल्लत बनी हुई है। गुरुगवां, रत्नापुर बेला व फरीदापुर सहित चार समितियों पर डीएपी व यूरिया खत्म हाे चुकी है। हालांकि इन समितियों से दो-तीन दिन पहले खाद बांटी जा चुकी है। वितरण के बाद भेजी गई नई मांग मुख्यालय तक पहुंचने में तीन-चार दिन का वक्त लग जाता है। सोमवार को ठिंगरी और खंडहर समितियों पर यूरिया का वितरण हुआ, लेकिन वहां डीएपी खत्म हो गई। इस बीच, गुलड़िया समिति पर चार सौ बोरी यूरिया बांटी गई, लेकिन तमाम किसान खाद पाने से वंचित रह गए। एडीओ कोआपरेटिव विजय राज के अनुसार यूरिया की कमी नहीं है। डीएपी की मांग काफी कम है। संवाद


तीन बोरी मांगने वाले किसानों को एक बोरी देकर टरकाया
तिलहर। ब्लॉक क्षेत्र के गांव राजनपुर, लखोहा, ढकिया रघा, बतलैया, रुजवारी, पहरा सलेमपुर व समधाना की सहकारी समितियों पर किसानों को मांग के अनुरूप यूरिया नहीं मिल रही है। समितियाें पर किसान एक एकड़ जमीन की खतौनी पर तीन बोरी यूरिया मांग रहे हैं, लेकिन कई समितियों पर उन्हें एक-एक बोरी यूरिया देकर टरका दिया जाता है। मजबूरन किसान प्राइवेट दुकानों से 266.50 रुपये वाली यूरिया की बोरी 340 से 350 रुपये में खरीद रहे हैं। धन्यौरा गांव के रंजीत वर्मा और नवदिया जोधपुर के बृजेश ने बताया कि एक एकड़ फसल में तीन बैग खाद की आवश्यकता है। एडीओ सहकारिता राकेश कुमार का कहना है कि किसानों को शासन से निर्धारित मात्रा में खाद दी जा रही है, लेकिन किसान जरूरत से ज्यादा खाद मांग रहे हैं। संवाद



चौकिया समिति पर एक सप्ताह से नहीं बांटी गई खाद
परौर। चौकिया गांव की साधन सहकारी समिति पर एक सप्ताह से खाद का वितरण नहीं हुआ है। यह समिति न्याय पंचायत कुंडलिया एवं कुबेरपुर से जुड़े गांवो के किसानों काे भी सदस्य बनाकर उन्हें खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन आदि उपलब्ध कराती है। समिति पर यूरिया न होने के कारण किसानों को बाजार से महंगी यूरिया खरीदनी पड़ रही है। समिति के प्रभारी सचिव पुत्तूलाल मिश्र के अनुसार बाढ़ से रास्ते खराब होने के कारण खाद की आपूर्ति देर से हो रही है। उन्होंने बताया कि समिति को 500 बोरी यूरिया जल्द मिलेगी। संवाद


यूरिया की किल्लत से खराब होने लगीं फसलें
देवकली। यूरिया का संकट दूर नहीं होने से फसलें खराब होने लगी हैं। ढुकरी गांव के किसान सूरज मिश्रा के अनुसार तीन बोरी यूरिया के लिए दस दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं। बताया कि ररुआ समिति पर खाद नहीं आने पर वह बंडा जाकर इफको केंद्र पर दो दिन तक लाइन में लगे रहे, लेकिन भीड़ होने से खाद नहीं मिल सकी। धान की फसल खराब हो रही है। ढुकरी के किसान अमरजीत सिंह के अनुसार उन्हें धान में डालने के लिए चार बोरी खाद नहीं मिलने से पौधों में पीलापन आने लगा है। समिति के सचिव गिरीश गुप्ता के अनुसार एक-दो दिन में खाद आते ही किसानों को वितरित की जाएगी। संवाद

जिले में करीब 1200 निजी दुकानों से खाद की बिक्री होती है। 115 सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध है। अब तक पिछले साल की तुलना में करीब 17000 एमटी यूरिया की खपत अधिक हो चुकी है। खाद की जरूरत से ज्यादा खरीद और उपयोग के कारण दिक्कत आ रही है। अभी एक हजार एमटी यूरिया स्टॉक में है।
- विकास किशोर, जिला कृषि अधिकारी

कुर्रियाकलां गांव में सहकारी समिति के बाहर खाद लेने के लिए खड़े किसान। संवाद

कुर्रियाकलां गांव में सहकारी समिति के बाहर खाद लेने के लिए खड़े किसान। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें