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UP: शाहजहांपुर में प्रेम संबंधों के विरोध पर युवती ने इंजीनियर संग मिलकर मां को मार डाला, दोनों को उम्रकैद

Fri, 29 Aug 2025 05:38 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर के डीएम कंपाउंड में रहने वाली महिला की हत्या के केस में कोर्ट ने मृतका की बेटी और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इंजीनियर और मृतका की बेटी के बीच प्रेम संबंध थे। महिला विरोध करती थी। इसी बात पर दोनों ने उनकी हत्या कर दी थी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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शाहजहांपुर में महिला की हत्या में मृतका की बेटी और पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता (एई) राकेश कुमार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बेटी से नजदीकी संबंधों पर आपत्ति करने पर दोनों ने मिलकर महिला के सिर पर लोहे के पाइप से प्रहार कर हत्या कर दी थी। चेहरे पर तेजाब डालकर पहचान छिपाने का प्रयास किया गया था।  

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सिंधौली के ढकिया हमीर नगर निवासी रामबेटी अपनी बेटी पुष्पा के साथ सदर बाजार थाना क्षेत्र के डीएम कंपाउंड में रहती थीं। थोड़ी दूरी पर उनका बेटा मुकेश अपने परिवार के साथ रहता था। मुकेश ने 29 जुलाई 2023 को तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि उनकी मां रामबेटी से वह 27 जुलाई को मिलकर आया था तब वह ठीक थीं। 28 जुलाई की सुबह सात बजे उनके बच्चे जीतू, अंकुश, अरुण अपनी दादी के पास पैर छूने गए तो वह कमरे में चारपाई के नीचे मृत अवस्था में मिलीं। उनकी नाक व कान से खून निकल रहा था। 

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पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस की जांच में सामने आया कि मूलरूप से हापुड़ जिले के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर काकोड़ी निवासी और डीएम कंपाउंड में ही रहने वाले पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड प्रथम में तैनात एई राकेश कुमार के घर में रामबेटी की बेटी पुष्पा खाना बनाने जाती थी। पुलिस ने दोनों की कॉल डिटेल निकलवाई तो सामने आया कि पुष्पा और राकेश के बीच फोन पर लंबी बातचीत होती थी। 

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सीसीटीवी फुटेज से खुला था राज 
सीसीटीवी फुटेज में घटना की रात राकेश रामबेटी के घर जाते और वापस आते दिखाई दिया था। राकेश और पुष्पा में नजदीकी हो गई थी, जिसका रामबेटी विरोध करती थी। पुष्पा के कहने पर राकेश ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने विवेचना के बाद पुष्पा और राकेश के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर राकेश कुमार और पुष्पा को दोषी माना। दोनों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।
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