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कोहरा के दौरान लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर खतरनाक हुआ सफर

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सीतापुर बरेली नेशनल हाईवे 24 पर निर्माणाधीन गर्रा पुल से उतरने के बाद वन वे प्लेन में जाने के लिए क? - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। कोहरा छाने से लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे के अधूरे हिस्सों पर सफर खतरनाक हो गया। हाईवे पर सीतापुर से शाहजहांपुर तक जगह-जगह गड्ढे और लेन अधूरी होने के कारण रूट डाइवर्जन वाले ठिकानों के आसपास कोई संकेतक नहीं होने से न सिर्फ वाहनों का चलना कठिन हो गया, हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हाईवे के 165 किमी लंबे सीतापुर-बरेली खंड को फोर लेन बनाने का काम करीब एक दशक पहले शुरू कराया था। शुरुआत में यह काम नोएडा की कंपनी ऐरा इंफ्रा कांस्ट्रक्शंस को दिया गया। कई वर्ष तक हाईवे को फोरलेन बनाने के साथ रास्ते में पड़ने वाले पुलों, अंडरपास आदि के निर्माण का काम अवरुद्ध रहा। बाद में हाईवे को अधूरे हिस्से जल्द निर्मित कराने को अलग-अलग कई कंपनियों को विभिन्न कार्य दिए।
इनमें पीआरएल कंपनी ने तिलहर से कटरा तक सड़क की अधूरी लेन पूरी करने में दिलचस्पी दिखाई, लेकिन पुलों के निर्माण में अवरोध पड़ा रहा। हालांकि, इस बीच बरेली मोड़, तिलहर नगर और कटरा के कई ओवरब्रिज यातायात को खोल दिए गए, लेकिन जिले की सीमा और उससे आगे तक कई जगह हाईवे की लेन और पुल अधूरे पड़े हैं। रोजा में रेलवे ओवरब्रिज के पास आज हुआ हादसा एनएचएआई की इसी लापरवाही का नतीजा माना जा रहा है।
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हाईवे को बरेली मोड़ से लेकर हरदोई चौराहा होकर मेजबान तिराहा तक व्यवस्थित किया जा चुका है, लेकिन रोजा मंडी गेट से आगे बढ़ते ही हाईवे पर कई जगह बजरी-कोलतार की ऊपरी परत हाल में हुई बारिश से फिर उखड़ने लगी है। रेलवे पुल के पास पहुंचते ही वाहनों के पहिए गहरे गड्ढे में चले जाते हैं। वहां इससे पहले भी इन्हीं गड्ढों के कारण रोड के किनारे लगे बिजली पोल से दो बार ट्रक टकरा चुके हैं।
बाईपास के इस पुल के निर्मित नहीं होने से उसके दोनों ओर की डबल लेन अधूरी हैं। उन पर चलने वाले वाहनों को पुराने पुल पर मोड़ने के लिए कोई संकेतक नहीं लगाया है। हालांकि, वहां कंक्रीट के अवरोधक खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन न तो कोई दिशासूचक लगा है और न ही अवरोधकों पर रेडियम पेंट इस्तेमाल किया, जो वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही चमक सकें। इसलिए कोहरा का कोप बढ़ने पर पुल के आसपास कब कोई हादसा हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। हाईवे का यही हाल रोजा के आगे सीतापुर की ओर बढ़ने तक दिख रहा है।
लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर जिले की सीमा में फोर लेन का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। अब पुलों और अंडरपास समेत उनके आसपास सर्विस रोड बनाने का काम तेजी से कराया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही हैं।
कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को हाईवे की मरम्मत और उन सभी स्थानों पर संकेतक लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जहां निर्माण अधूरा होने से यातायात मोड़ना पड़ रहा है। -रामसेवक द्विवेदी, नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय राजमार्ग)/एडीएम प्रशासन
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