पुवायां। आमिर खान की दंगल फिल्म में अभिनय कर चुकीं हरियाणा की स्टेट चैंपियन पहलवान पूनम फोगाट मंगलवार को पुवायां में चल रहे राष्ट्रीय एकता दंगल में दांव पेच दिखाएंगी। पूनम ने दंगल फिल्म में गीता फोगाट से कुश्ती लड़ी थी। उन्होंने हरियाणा की तरह ही यूपी सरकार से भी खेलों पर ध्यान देने की अपील की है। सोमवार को दंगल में हिस्सा लेने पुवायां पहुंची हरियाणा के जनपद हिसार के गांव खरकरी निवासी पूनम फोगाट ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उनके चाचा रणधीर सिंह पहलवान थे और आर्मी में सेवारत हैं। चाचा को पहलवानी करता देख उनके अंदर भी कुश्ती लड़ने का शौक उमड़ा। जब वह पांचवीं में पढ़ती थीं तभी से स्कूल में चलने वाली कुश्ती क्लास में भाग लेने लगीं। फिर स्कूल की तरफ से हरियाणा में स्टेट लेवल की जूनियर प्रतियोगिता में उन्होंने गोल्ड मैडल जीता। इसके बाद आल इंडिया कुश्ती में सिल्वर।
पूनम ने बताया कि आमिर खान के बुलावे पर उन्होंने दंगल फिल्म में पहलवान का रोल अदा किया। फिल्म में उनका गीता फोगाट से मुकाबला दिखाया गया है। हालांकि अभी तक उन्होंने दंगल फिल्म नहीं देखी है। पूनम ने बताया कि उनका पहला और आखिरी शौक कुश्ती ही है, फिल्मों में काम करने का उनका कोई इरादा नहीं है। आमिर खान की फिल्म दंगल कुश्ती को आगे बढ़ाने और लड़कियों को प्रेरित करने के लिए थी, इस कारण उन्होंने इसमें काम किया था। हरियाणा में कुश्ती को लेकर सरकार गंभीर है। सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर खेल सामग्री दे रखी है। प्रत्येक जिले में खेल के कम से कम तीन मैदान हैं। लड़कियां पहलवानी पर ज्यादा फोकस करती हैं। कई घरों में तो जितनी भी लड़कियां हैं सभी पहलवानी सीख रही है और कुश्ती लड़ रही हैं। यूपी और एमपी की सरकारें खेल के प्रति गंभीर नहीं है। दोनों प्रदेशों में खेल गतिविधियां नहीं के बराबर हैं। पड़ोसी देश नेपाल में कुश्ती को भारत के मुकाबले ज्यादा पसंद किया जाता है। पूनम ने कहा कि आज का युवा चाहे वह लड़का हो या लड़की नशे की गिरफ्त में जा रहा है। युवा नशा छोड़कर शरीर पर ध्यान दें और इसके लिए कुश्ती को माध्यम बनाया जा सकता है।