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न्यायालयों को पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए करनी पड़ रही पहल : डॉ. आलोक

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शाहजहांपुर के एसएस कॉलेज में आयोजित व्याख्यानमाला में बोलते शिक्षक - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। एसएस कॉलेज के कला संकाय की ओर से ‘ध्वनि प्रदूषण : कारक एवं निवारण’ विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने ध्वनि प्रदूषण से होने वाले नुकसान तथा इससे बचने के उपायों की जानकारी दी।
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कला संकाय के अध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्रा ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि आज जिन पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और नागरिकों को अपने स्तर पर प्रयास करना चाहिए, उसके लिए न्यायालय को सर्वप्रथम पहल करनी पड़ रही है। डॉ. आदित्य सिंह ने कहा कि तकनीकी जीवन में हेडफोन, ईयरफोन आदि का प्रयोग बढ़ गया है। दीर्घकाल तक इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग करने से मानव में बहरेपन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
डॉ. शालीन सिंह ने ध्वनि प्रदूषण के कारणों और प्रभावों, डॉ. कविता भटनागर ने ध्वनि प्रदूषण के समाधान में शास्त्रीय संगीत के महत्व, डॉ. विकास खुराना ने ध्वनि प्रदूषण के निवारण की जानकारी दी। छात्र-छात्राओं में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा आरती सैनी, बीए प्रथम वर्ष के छात्र आयुष ने विचार रखे। इस मौके पर समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. सुजीत कुमार वर्मा, डॉ. दुर्ग विजय, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. संदीप वर्मा, मृदुल पटेल, डॉ. दीपक दीक्षित, डॉ. सुभाषचंद्र पाल आदि मौजूद रहे।
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