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तीन साइबर ठग गिरफ्तार

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पुलिस की गिरफ्त में तीन ठग । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। नौकरी का झांसा देकर खाता खाली करने वाले साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, एटीएम कार्ड आदि सामान बरामद हुआ है।
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साइबर ठगी की लगातार शिकायतें पुलिस अधीक्षक एस आनंद को मिल रही थीं। जिसके बाद साइबर सेल, एसओजी और क्राइम ब्रांच को जांच में लगाया गया था। 17 फरवरी को सदर बाजार थाने के फैक्टरी स्टेट निवासी जावेद खां ने तहरीर दी थी कि 13 फरवरी को एक जॉब वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उसके खाते की डिटेल लेकर उसके क्रेडिट कार्ड से 77 हजार रुपये ठग लिए गए हैं। बृहस्पतिवार को एसओजी, साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान मोहम्मद शाह फैज (22) निवासी गली नंबर नौ वजीराबाद, नई दिल्ली, यश (22) निवासी पोकिट-01 सेक्टर-24 रोहिणी थाना बेगमपुर दिल्ली और शुभम कुमार (23) निवासी मोहल्ला आंबेडकर नगर थाना मेडिकल जनपद मेरठ के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, 11 सिम कार्ड, सात डेबिट कार्ड, वेबसाइट से संबंधित कागजात, 10 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक सोमप्रकाश वर्मा, एसओजी प्रभारी रोहित सिंह आदि रहे। सीओ सिटी प्रवीन यादव ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
झांसे में न आएं, बगैर जांचे-परखे न दें खाते की जानकारी
शाहजहांपुर। बेरोजगारों को ठगने के लिए ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं। प्रचार-प्रसार कर अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर पंजीकरण के नाम पर धन उगाही की जा रही है। कुछ ठग कंपनियां बकायदा पर्चे बंटवाकर आठवीं से परास्नातक पास युवाओं को अच्छे खासे पैकेज में नौकरी का झांसा देकर ठग रही हैं। ठगी करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधि पहले पंजीकरण फीस के नाम पर सौ से लेकर एक हजार रुपये तक जमा करते हैं। इसके बाद बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड की जानकारी मांगते हैं। जानकारी मिलने के बाद फर्जीवाड़ा करने वाले लोग खाता साफ कर देते हैं।
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ऐसे बिछाते हैं ठगी का जाल
ज्यादातर जालसाजों के लिए ऑनलाइन जॉब पोर्टल शिकार को खोजने का सबसे बढ़िया जरिया होते हैं। सबसे पहले जॉब रिक्रूटमेंट वेबसाइट से नौकरी तलाशने वाले की प्रोफाइल निकाली जाती है। जो शिकार बन सकते हैं, उन सभी को थोक में मेल भेजा जाता है। धोखाधड़ी करने वाले खुद को जॉब कंसल्टेंट के तौर पर पेश करते हैं। ये अपनी फर्जी वेबसाइट, अस्थायी दफ्तर दिखाते हैं। लोगों से वॉलेट या बैंक ट्रांसफर के जरिये रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने के लिए कहते हैं। ऑनलाइन या टेलीफोनिक इंटरव्यू किया जाता है। फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर भेजे जाते हैं। ई-मेल, फर्जी वेबसाइट के माध्यम से, कैंपस प्लेसमेंट और लोकल ऑफिस के माध्यम से शिकार बनाते हैं।
कंपनी को ऐसे चेक करें
अगर किसी कंपनी के बारे में जानकारी निकालनी है तो ऑनलाइन ही यह देख सकते हैं कि वास्तव में वह कंपनी रजिस्टर्ड है या नहीं। अगर वह कंपनी भारत की है तो इसके लिए सरकार ने मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स डिपाटमेंट बनाया है। इसलिए अगर कोई कंपनी रजिस्टर्ड है तो उसके जानकारी को इस वेबसाइट से खोजा जा सकता है।
ऐसे बचें ठगी से
आईटी एवं इंटरप्रेन्योर एक्सपर्ट क़ाजी मोहम्मद आमिर के मुताबिक विश्वसनीय वेबसाइट पर जाएं। जॉब पोजिशन के साथ सीवी पोस्ट करें। नौकरी सुरक्षित करने के लिए भुगतान न करें। मेल/लेटर में खामियां तलाशें। फर्म को कॉल कर मेल को सत्यापित करें। बहुत लुभावने जॉब ऑफर से सतर्क रहें। अपनी क्षमताओं के मुताबिक जॉब तलाशें। फ्राड करने वाले अक्सर लखनऊ-दिल्ली में अच्छा आफिस बनाते हैं और वेबसाइट बनवाकर ठगी करते हैं।
शाहजहांपुर में भी पकड़े जा चुके फर्जी कॉल सेंटर
शाहजहांपुर में भी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर पकड़े जा चुके हैं। 18 दिसंबर को एसओजी ने छापा मारकर सदर क्षेत्र में एक मकान से पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
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