तिलहर चीनी मिल ग्राउंड से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करके रेलवे ट्रैक रोकने जाते भाकियू कार्यकर?
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तिलहर। कृषि कानूनों के विरोध में रेल रोको आंदोलन के आह्वान के चलते बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के कार्यकर्ताओं ने चीनी मिल ग्राउंड पर पंचायत कर केंद्र सरकार को जमकर कोसा। रेल चक्का जाम करने के लिए कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जैसे ही रवाना हुए, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान भाकियू नेताओं की एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने सभी को बस में बैठाकर पुलिस लाइन भेज दिया, जहां से बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
संगठन के राष्ट्रीय आह्वान पर यूनियन के तमाम कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह के नेतृत्व में चीनी मिल मैदान पर बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे एकत्र हुए। यहां हुई पंचायत में जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने कहा कि किसानों को बर्बाद करने के लिए केंद्र सरकार ने कृषि कानून बनाए हैं। मंडल उपाध्यक्ष जयेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बनकर रह गई है। जिला प्रवक्ता आदित्य प्रताप सिंह ने सरकार से तत्काल कानून रद्द करने की मांग की।
करीब तीन घंटे चली पंचायत में वक्ताओं ने भाजपा सरकार को जमकर कोसा। पंचायत के बाद दोपहर करीब दो बजे आंदोलनकारी किसान नेता नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में रेलवे ट्रैक की ओर बढ़े। इस दौरान चीनी मिल गेट पर एसडीएम सुरेंद्र सिंह, पुवायां सीओ नवनीत नायक, आरपीएफ एसआई गुरबचन सिंह व जीआरपी एसओ वीरेंद्र प्रताप यादव ने पुलिस बल और पीएसी के जवानों के साथ किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को घेराबंदी कर रोक लिया। इस दौरान सीओ व एसडीएम से नोकझोंक भी हुई।
रेलवे ट्रैक पर न जाने पर कार्यकर्ताओं ने जेल जाने पर सहमति जताई। इस पर एसडीएम सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर करीब 102 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। नाराज किसान नेताओं ने अधिकारियों पर सरकार की कठपुतली होने का आरोप लगाते हुए माला पहनाई। कोतवाल प्रवीन सोलंकी ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल 102 लोगों को शाहजहांपुर पुलिस लाइन भेजा गया। वहां से सभी की रिहाई दे दी गई।