अखिल भारतीय नाट्य एवं लोकनृत्य महोत्सव में बृहस्पतिवार का दिन यादगार रहा। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ नाटकों और लोकनृत्यों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
गांधी भवन का प्रेक्षागृह बृहस्पतिवार को इस बात का इतिहास रचने में कामयाब हुआ, जब एक ही दिन में सात नाटकों का मंचन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ चेयरमैन तनवीर खां ने किया। इसके बाद लखनऊ की कलाकार पल्लवी मिश्रा ने भरत नाट्यम के जरिए भगवान शिव की स्तुति पर भावपूर्ण नृत्य करके तालियां बटोरीं। इसी कड़ी में दुर्ग (भिलाई) की बाल कलाकार शगुन सिंह परी ने ‘होलिया में उड़े रे गुलाल’ गीत पर धमाकेदार नृत्य करके दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसी कड़ी में लखनऊ की ही ऐश्वर्य कृष्णन ने भरत नाट्य तथा कटनी (राजस्थान) की कलाकार आंचल चौबे ने राजस्थानी गीत प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। बाद में डेफोडिल ग्रुप लखनऊ के महिला कलाकारों ने मनमोहक ग्रुप डांस प्रस्तुत कर धूम मचा दी। इसके बाद विभिन्न प्रदेशों से आईं अन्य टीमों ने भी अपनी प्रस्तुति दी।
नृत्य प्रतियोगिता का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा और लोग झूमते रहे। नृत्य प्रतियोगिता को नाटकों के बीच में पिरोकर दर्शकों को बांधे रखने का प्रयास सराहनीय रहा, इससे दर्शक तरोताजा होते रहे और नृत्य के बीच में नाटकों का भी लुत्फ उठाते रहे। व्यवस्था में विनीत सिंह, संजय डोनाल्ड, दिव्यांशु सिंह, रिजवान सिद्दीकी, शालू यादव, कोमल सिंह, ऋषिकांत, संजय राठौर, अजय मोहन शुक्ला, अतीक रहमान, शिवम श्रीवास्तव, प्रवीण गौड़ आदि का योगदान रहा।