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पिता का शव लेकर आ रहे बेटे की दुर्घटना में मौत

Sun, 20 Sep 2015 11:38 PM IST
पुवायां।
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गांव हरदुआ निवासी 80 वर्षीय सुभाष वर्मा सांस के रोगी थे। कुछ दिन पूर्व उनके दिमाग की नस फट जाने पर बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंझला पुत्र 32 वर्षीय मनोज कुमार पिता के पास रहकर देखभाल कर रहा था। शनिवार को सुभाष वर्मा की मौत हो गई।
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मनोज ने पिता का शव एंबुलेंस में रखवाकर घर को रवाना किया और खुद एंबुलेंस के पीछे बाइक से घर के लिए चल दिया। बीसलपुर निगोही मार्ग पर उसकी बाइक असंतुलित होकर पुलिया से टकरा गई। हादसे में मनोज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पिता के बाद पुत्र के मौत की जानकारी घर पहुंची तो हर कोई स्तब्ध रह गया। बाद में दोनों शवों को घर लाया गया। ससुर और पति का शव देखकर मनोज की पत्नी कुमकुम गश खाकर गिर पड़ी। परिवार के लोगों ने बमुश्किल उसे संभाला।
पिता-पुत्र की मौत की जानकारी पाकर गांव के तमाम लोग सुभाष वर्मा के घर आ पहुंचे और परिवार के लोगों को सांत्वना दी। रविवार सुबह पिता-पुत्र का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुभाष वर्मा की पत्नी कमला देवी, पुत्र महेंद्र, अरुण सहित परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मनोज अपने पीछे पत्नी के अलावा दो पुत्रियों तीन वर्षीय प्राची और एक वर्षीय परी को छोड़ गया है।
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एक साथ उठी अर्थी तो फफक उठे लोग
पुवायां। रविवार को पिता-पुत्र की अर्थी एक साथ उठी तो परिवार के लोगों का करुण क्रंदन सुनकर मौके पर मौजूद तमाम लोगों की आंखें भर आईं। सुभाष की पत्नी कमला देवी और मनोज की पत्नी कुमकुम तो मूर्छित होकर गिर पड़ी। गांव की महिलाओं ने दोनों को संभाला। पति और पुत्र को एक साथ खो चुकी कमला देवी होश में आने पर कभी पुत्र को पुकारती तो कभी पति को और बेहोश हो जातीं। गांव के तमाम लोग पिता-पुत्र की अंतिम यात्रा में शामिल हुए और परिवार के लोगों को सांत्वना दी।
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