ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन के आह्वान पर सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों के विरोध में दूसरे दिन शनिवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय की नर्स हड़ताल पर रहीं। हड़ताल की वजह से मरीजाें और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों की देखभाल के लिए प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज की ट्रेनी नर्सों की मदद ली जा रही है। नर्सों ने अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन करके अपना विरोध व्यक्त किया।
हड़ताल से निपटने के लिए सीएमएस डॉ. केशव स्वामी ने इमरजेंसी से लेकर अस्पताल के सभी वार्डों में फ्लोरेंस नाइटेंगिल नर्सिंग कॉलेज के प्रशिक्षुओं की ड्यूटी लगाई गई है। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए ट्रेनी स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इनके इलाज के लिए फार्मासिस्टों की मदद ली जा रही है। तीमारदार अपने मरीजों को बोतल और इंजेक्शन लगाने के लिए भटक रहें हैं। नर्सों की हड़ताल से अस्पताल में अव्यवस्था फैल गई है। खासकर गर्भवती महिला मरीजों को खासी परेशान हो रही है। इनकी देखभाल के लिए ट्रेनी नर्सों के बूते की बात नहीं है। जिला महिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदार डॉक्टरों के चक्कर लगा रहें हैं। राजकीय नर्सेंज संघ की जिला शाखा से जुड़ी नर्सों ने मीटिंग हाल में धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संघ की अध्यक्ष रूथ कौशल ने बताया कि दूसरे दिन भी भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री, वित्त मंत्री या स्वास्थ्य प्रमुख सचिव ने हमारे किसी राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं प्रांतीय पदाधिकारियों को बुलाकर वार्ता नहीं की है। इससे लगता है कि सरकार अपने अड़ियल रुख के कारण किसी भी प्रकार की मांगे मानने को तैयार नहीं है। संघ अपने पदाधिकारियों के सहयोग में अनिश्चितकालीन हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे। इसके लिए सजा एवं जेल भरो आंदोलन के लिए भी तैयार हैं। धरना प्रदर्शन में मीरा देवी, रामतारा, ललित मोहन यादव, संदेश कुमार, मारा नागर, मारग्रेट तोमर, अनीता गुप्ता, रेनू देवी, रीना देवी शामिल रहीं।