एक नवंबर की रात आठ बजे हुई मुनेश की हत्या के मामले में आखिरकार बीती रात पुलिस ने मुख्य आरोपी जोगिंदर को धर दबोचा। उसके पास से तमंचा और कारतूस मिले हैं। कोर्ट में पेश किये जाने पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में अभी भी तीन आरोपी फरार है। उनकी तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है। एक नवंबर को मुनेश, धर्मपाल और राजेश रात आठ बजे अलाव ताप रहे थे। तभी जोगिंदर और उसका भाई सर्वेश, मान सिंह और मंगल में कहासुनी हो गयी। गुस्से में जोगिंदर व उसके साथियों ने तमंचों से फायरिंग कर दी और एक गोली मुनेश के सिर में लगी। हमलावरों ने धर्मपाल को ईटों से पीटकर बुरी तरह जख्मी कर दिया था। मौके पर कोहराम मच गया था और मुनेश को उपचार के लिए बरेली ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई थी। धर्मपाल को बरेली के सिद्धिविनायक अस्पताल में भर्ती किया गया। मृतक के भाई जबर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि जोगिंदर के चाचा की तेरहवीं में कोई शामिल नहीं हुआ था और उसी बात को लेकर वह रंजिश मना रहा था।
घटना के बाद से ही चारों आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी थी लेकिन उनमें से किसी का सुराग नहीं लगा। बुधवार शाम मुखबिरों से पुलिस को सूचना मिली कि जोगिंदर क्षेत्र में छुपकर आया हुआ है और अगरोली नवादा मोड़ से बस पकड़कर दिल्ली भागने की योजना में है। सूचना पाते ही पुलिस सक्रिय हुई। एसओ ओमप्रकाश गौतम और एसआई रामनिवास शर्मा मय फ ोर्स के साथ नवादा मोड़ पहुंचे। कुछ देर बाद जोगिंदर वहां दिखा तो वह पुलिस को देखते ही भागने लगा। पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में फरार साथियों के बारे में उसने भी बताने से इंकार किया। एसओ ने फरार आरोपियों के भी जल्द गिरफ्तार कर लिए जाने की उम्मीद जाहिर की।