बुधवार को पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए अंतर्राज्यीय संगठित एटीएम लुटेरे गैंग का सरगना जगतार सिंह उर्फ जग्गा पुत्र पारस सिंह है, जो पेशेवर अपराधी है। इसने अपने साथियों के साथ साल 2015 में बंडा और अल्हागंज थाना क्षेत्र में भी एटीएम के कैश बाक्स को लूटने प्रयास किया था। इन लुटेरों को पकड़ने के लिए पुलिस की दस टीमों को लगाया गया है।
पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला है कि जगतार सिंह उर्फ जग्गा के गैंग के 16 सदस्य हैं, जो उत्तर प्रदेश, पंजाब, लुधियाना, बिहार, पश्चिमी बंगाल, उत्तराखंड आदि प्रांतों में भी अपराध कर चुके हैं। इन सब का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
गैंग के अधिकतर सदस्य रायसिख कम्यूनिटी से संबंधित है, जो क्रिमिनल प्रवृत्ति के होते हैं। अपने जिले में इन दिनों सक्रिय थे और चार वारदातों को अंजाम दे चुके थे तथा हर बार उनको असफलता मिली थी।
इतना ही नहीं जगतार सिंह उर्फ जग्गा ने अपने नौ साथियों के साथ पीलीभीत के न्यूरिया थाना क्षेत्र की मझोला चौकी के समीप वर्ष 2011 में ज्वैलर्स की दुकान को निशाना बनाकर लूटपाट की थी। उसके चौकीदार के विरोध करने पर अपहरण कर लिया था। इसे एक संयोग ही कहा जाएगा कि इस घटना के समय के हीरो रहे प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी उस समय न्यूरिया के थानाध्यक्ष थे। उन्होंने जगतार सिंह को गिरफ्तार कर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की थी।
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रोजा में पकड़े गए बदमाशों से अहम सुराग हाथ लगे हैं। उन्होंने जनपद की कई चोरियों में अपना हाथ कबूला है। साथ ही पंजाब, दिल्ली, लुधियाना, बंगाल और बिहार में हुई चोरियों के बारे में जानकारी दी है। इसकी तस्दीक कराई जा रही है। गैंग के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए जिले से 10 टीमों को रवाना किया गया है। जल्द ही सार्थक परिणाम सामने आने की उम्मीद है। -अनुराग दर्शन, सीओ क्राइम ब्रांच, शाहजहांपुर।
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कई थानों के प्रभारियों ने रोजा थाने में डाला डेरा
बुधवार को रोजा पुलिस द्वारा अंतर्राज्यीय गैंग के सरगना सहित दो सदस्यों को पकड़े जाने के बाद जिले की पुलिस में तेजी आ गई। अल्हागंज, बंडा, कोतवाली, सदर बाजार, बीसलपुर के प्रभारियों ने अपने यहां लंबित अपराध में इन अपराधियों की भूमिका को तलाशने में जुट गए। इन थाना प्रभारियों ने बुधवार की रात से ही रोजा थाने में डेरा जमाकर अपराधियों के बारे में जानकारी हासिल की है। इन थानों में ज्वैलर्स की चोरी के अलावा एटीएम लूट, नकबजनी के लंबित मुकदमों में उनके मिलते जुलते तरीकों पर गहन अध्ययन किया जा रहा है। पुलिस का अनुमान है कि पिछले एक साल से यह गैंग शाहजहांपुर में रहकर घटनाओं को अंजाम दे रहा था। कहीं उनके थाना क्षेत्रों में घटित अपराध में तो इन अपराधियों की भूमिका तो नहीं है।
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जगतार सिंह व साथियों द्वारा किए गए अपराध का संक्षिप्त विवरण
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0 जनवरी 2011- न्यूरयिा पीलीभीत के मझोला कस्बे में एक ज्वैलर्स की दुकान से नकब लगाकर लाखों के गहने चोरी, विरोध करने पर चौकीदार को अगवा कर लेने का अपराध किया।
0 मार्च 2012- कई अपराधों में जगतार और उनके साथियों की भूमिका पाए जाने पर न्यूरिया पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की।
0 मार्च 2015- शाहजहांपुर के बंडा थाना क्षेत्र के मकसूदापुर में बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम कैश बाक्स को लूटा, अपराध दर्ज खुलासा नहीं हो सका।
0 मई 2015- बंडा थाना क्षेत्र के ढका घनश्यामपुर में बैंक आफ बड़ौदा का एटीएम कैश बाक्स काटकर चोरी की।
0 अक्तूूबर 2015- बंडा क्षेत्र के खुटार रोड स्थित एसबीआई के एटीएम कैश बाक्स को कटर से काटकर चोरी की।
0 नवंबर 2015 - अल्हांगज थाना क्षेत्र में कस्बे के एक ज्वैलर्स की तिजोरी काटकर ले गए लाखों का माल।
0 नवंबर 2015- रोजा थाना क्षेत्र के जमुका गांव से इंडिया नंबर एक के एटीएम का कैश बाक्स को काटकर चोरी की। इसके अलावा पंजाब, लुधियाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बंगाल, बिहार, दिल्ली में भी यह गैंग कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है, जिसको खंगाला जा रहा है।