फसली नुकसान से परेशान कांट क्षेत्र के गांव चक ममरेज निवासी 65 वर्षीय पुरुषोत्तम लाल को प्रशासन से पर्याप्त राहत नहीं मिलने पर गहरा आघात लगा। लेखपाल से मामूली रकम का चेक मिलने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और बृहस्पतिवार को सुबह उनकी सांसें थम गईं। जिले में अब तक नुकसान से प्रभावित 71 किसानों की मौत हो चुकी है।
मृतक के घरवालों से मिली जानकारी के अनुसार पुरुषोत्तम ने छह बीघा खेत में गेहूं की बुवाई की थी। फसल के लिए उन्होंने गांव के लोगों से कुछ रकम भी उधार ले रखी थी। बेमौसम की बरसात में फसल खराब होने के कारण पिछले दिनों गहाई कराने पर केवल डेढ़ क्विंटल गेहूं मिले। इससे पुरुषोत्तम काफी उदास रहने लगे।
उनके बेटे राजेंद्र के अनुसार फसली नुकसान के गम में पिता ने खाना-पीना भी छोड़ रखा था। प्रशासन से राहत का चेक मिलने की तसल्ली भी काम नहीं आई। बुधवार को दोपहर लेखपाल ने घर आकर उन्हें 2480 रुपये का चेक दिया तो उनकी सरकारी मदद से जुड़ी उम्मीदें भी टूट गईं और वह निढाल होकर बिस्तर पर गिर पड़े। सुबह घरवाले उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
राजेंद्र के अनुसार पिता की मौत की जानकारी क्षेत्र के नायब तहसीलदार को दी, लेकिन दोपहर बाद तक कोई राजस्व कर्मी गांव नहीं पहुंचा। पुरुषोत्तम का अंतिम संस्कार होने के बाद एसडीएम जयनाथ यादव ने गांव जाकर मृतक किसान के बारे में घरवालों और ग्राम प्रधान से ब्योरा जुटाया। पुरुषोत्तम अपने पीछे बेटा राजेंद्र और उसका परिवार छोड़ गए हैं।
सिकंदरपुर कलां में कराएं नुकसान का सर्वे
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक देवेंद्र पाल सिंह ने मुख्यमंत्री से विकास खंड ददरौल क्षेत्र में उनके गृह ग्राम सिकंदपुर कलां में फसली नुकसान का सर्वे जल्द कराने का आग्रह किया है। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में क्षेत्र के वर्तमान विधायक और राज्यमंत्री पर पक्षपात की राजनीति के तहत उनके गांव का सर्वे जानबूझकर नहीं कराने का आरोप लगाते हुए इस मामले में जांच कराने का भी अनुरोध किया है।