शिखा और खुशबू हत्याकांड मामले में संभल से गिरफ्तार किए गए इनोवा चालक को बुधवार को थाना सदर बाजार पुलिस थाने ले आई है। इसी इनोवा कार से शिखा और खुशबू का अपहरण किया गया था। चालक ने बताया कि चार हजार रुपये में वाहन बुक कराया गया था। इसके साथ ही उसने अन्य जानकारियां भी दीं।
बाते दें कि कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बिसरात निवासी सुरेश चंद्र गुप्ता की नातिन शिखा और उसके घर में किराएदार निगोही निवासी खुशबू को 22 जनवरी को थाना सदर बाजार क्षेत्र से शिखा के मौसेरे भाई राहुल ने अपहरण कर लिया था। जिस इनोवा कार से उनका अपहरण किया गया था, उसके चालक संभल में कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सैदपुर सराय निवासी मोहम्मद नूर उर्फ नन्हू ने बताया कि संभल के भूरे खां ने बरेली तक आने के लिए उसकी इनोवा गाड़ी चार हजार में बुक कराई गई थी। बरेली पहुंचने पर वह लोग शाहजहांपुर चलने की बात कहने लगे। विरोध करने पर उन्होंने रुपये बढ़ाकर देने की बात कही। इसके बाद वह शाहजहांपुर आए और राहुल ने थाना सदर बाजार क्षेत्र तीन लड़कियों को गाड़ी में बैठाकर बरेली मोड़ स्थित एक ढाबे पर ले गया। इसके बाद उसने एक लड़की को गर्रा नदी के पुल अजीजगंज के पास छुड़वा दिया था। इसके बाद वह लोग गाड़ी लेेकर चल दिए। चालक को लड़कियों का अहपरण होने का शक हुआ तो उसने गाड़ी ले जाने से इनकार कर दिया। विरोध करने पर राहुल ने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह चंदौसी होते हुए मुरादाबाद से गजरौला पहुंचे। वहां मोंगा होटल के पास उसकी गाड़ी छोड़ दी गई और उसे पमेंट दे दिया गया। इसके बाद राहुल अपने साथियों के साथ शिखा और खुशबू को पिकअप गाड़ी से बैठाकर आगे ले गए। इसके बाद क्या हुआ उसे उसकी कोई जानकारी नहीं है। करीब 15 दिन बाद शिखा का शव रामगंगा नदी की पोषक नहर में मिला था। खुशबू का शव अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में राहुल समेत सात आरोपी जेल जा चुके हैं।