परौर थाना क्षेत्र का रहने वाले शिक्षक ने मंगलवार को जलालाबाद क्षेत्र के स्कूलों में जाकर मिड-डे मील चेक करना शुरू कर दिया। स्कूलों में कमियां देखकर बाकायदा धन उगाही भी कर डाली। एक शिक्षक को उसपर शक हुआ तो पकड़कर जलालाबाद कोतवाली में बंद करवाया। वहां उस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस दौरान शिक्षकों ने उसकी पिटाई भी कर डाली।
मंगलवार सुबह करीब दस बजे खाईं खेड़ा के प्राथमिक स्कूल में पहुंचे एक व्यक्ति ने स्वयं को एमडीएम का अधिकारी बताते हुए मिड-डे मील समेत विभिन्न जांच पड़ताल शुरू कर दी। कमियों के बदले में वसूली करके मामला निपटा दिया। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने बाकायदा सरकारी अभिलेखों में अपनी आख्या भी दर्ज की। इसके बाद वह गांव सैंजना के जूनियर हाईस्कूल में पहुंचा और वहां भी यही प्रक्रिया दोहराई।
वह नगलादमन के जूनियर हाईस्कूल में पहुंचा तो वहां के प्रधानाचार्य छुन्नू बाबू को शक हुआ। छुन्नू बाबू उससे कड़ाई से पेश आए तो वह घबरा गया और अपनी असलियत बता दी। इस पर उन्होंने उस युवक को पकड़ लिया। इसके बाद अन्य शिक्षक भी वहां पहुंच गए और उसकी जमकर पिटाई लगा दी। उसने बताया कि उसका नाम भानुप्रताप है और वह परौर थाना क्षेत्र के गांव जरौली में रहता है।
पुलिस ने इस मामले में सैंजना के शिक्षक सूरजपाल की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी एवं एक अन्य धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी माता भी शिक्षक है तथा वह भी पुवायां ब्लाक के एक परिषदीय स्कूल में अध्यापक है। कहा कि रुपये की जरूरत पड़ जाने पर उसने यह कार्य किया।
‘मिड-डे मील की चेकिंग के संबंध में शिक्षकाें का कॉल आया और उन्होंने इस संबंध में पूछा तो मैंने उन लोगों को स्पष्ट कर दिया कि जिला स्तर से ऐसा कोई अधिकारी जांच के लिए नहीं है। शिक्षकों को तथाकथित जांचकर्ता को पुलिस के हवाले करने के निर्देश दिए। साथ ही इसकी सूचना जलालाबाद के खंड शिक्षा अधिकारी को भी दे दी गई है।’
- निश्चय सिंह, जिला समन्वयक, मिड डे मील