पुवायां (शाहजहांपुर)। नामकरण संस्कार के दौरान हो रहे डांस को बंद कराने पहुंची पुलिस ने लोगों पर लाठियां फटकारीं तो गांव के लोग भी पुलिस पर हमलावर हो गए। पथराव में पुलिस वाहन के शीशे टूट गए और एक सिपाही भी घायल हो गया। घायल सिपाही सामने नहीं आ रहा है। पुलिस मामले को दबाने में जुटी हुई है।
मामला बंडा के गांव इंदलपुर का है। बुधवार शाम इंदलपुर निवासी मुकेश पाल के पुत्र का नामकरण संस्कार था। दावत में गांव के कई लोगों और रिश्तेदारों को बुलाया गया था। दावत के बाद डांस का आयोजन था। जिसे देखने के लिए काफी भीड़ जुटी थी। इस दौरान पड़ोसी गांव का एक युवक नर्तकियों से अश्लील हरकत करने लगा। गांव के लोगों ने विरोध किया तो युवक ने बिना अनुमति डांस होने की बात कहते हुए पुलिस को सूचना दे दी।
सूचना पाकर बंडा से पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ पर लाठी फटकार दीं। इससे भगदड़ मच गई। गांव के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने घरों में घुसकर पिटाई भी की और डीजे को भी गाड़ी में रखवा लिया। इसी रवैये से नाराज गांव के कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। मारपीट और पथराव में पुलिस के वाहन का शीशा टूट गया और एक सिपाही भी घायल हो गया। इसके बाद थाने से और फोर्स बुला लिया गया। साथ ही आठ लोग भी हिरासत में ले लिए गए।
मामले को दबाने के लिए पुलिस ने घायल सिपाही का मेडिकल नहीं कराया और वाहन को भी गैरेज में छिपा दिया। वाहन को एक चादर से ढकवा दिया गया, जिससे टूटे शीशे का पता न चल सके। बंडा पुलिस ने बताया कि गांव इंदलपुर में बिना अनुमति नर्तकियों का डांस हो रहा था। सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डांस को बंद करा दिया और डीजे के सामान को भी उठवा लिया। मौके से कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया, उनको सुबह छोड़ दिया गया। वाहन का शीशा तोड़े जाने और मारपीट की बात गलत है।
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हो सकती थी बड़ी घटना
गांव के कुछ लोगों को पुलिसकर्मियों के पीट देने से ग्रामीण अचानक उग्र हो गए थे और पुलिस पर पथराव कर दिया था। ऐसे में बड़ी घटना हो सकती थी। बुजुर्गों के समझाने पर गांव के लोगों के घरों में चले जाने से मामला बमुश्किल शांत हो सका। बृहस्पतिवार शाम तक इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
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इस संबंध में बंडा पुलिस ने मुझे कोई जानकारी नहीं दी है। जानकारी कराई जाएगी। यदि कोई घटना हुई है तो जांच कर कार्रवाई भी की जाएगी।
-वीएस वीर सिंह, सीओ पुवायां
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पहले भी हो चुके हैं पुलिस पर हमले
- चार जुलाई 2020 : खुटार थाना क्षेत्र के मैनिया गांव में पुलिस टीम शराब माफिया को पकड़ने गई थी। जहां पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। जिसमे दारोगा समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके अलावा सरकारी जीप में भी तोड़फोड़ की गई थी।
- छह जुलाई 2020 : पुवायां क्षेत्र के नत्थापुर गांव में ट्रांसफार्मर से बिजली लाइन जोड़ने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। पुलिस टीम जब समझाने गई तो उस पर ग्रामीण हमलावर हो गए थे।
- दो अगस्त 2020 : सिंधौली थाना क्षेत्र के रक्शा गांव में चाट वाले के रुपये न देने पर विवाद हो गया था। डायल -112 मौके पर पहुंची तो दो सिपाहियों के साथ मारपीट हुई थी। जिसमे सिपाही की वर्दी भी फाड़ दी गई थी।
- 26 अगस्त 2020 : रोजा थाना क्षेत्र के बरनई गांव में दो पक्षों में विवाद के बाद फायरिंग हुई थी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो उसे भी हमलावरों ने दौड़ा लिया था। संवाद